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जनसंख्या नियमन विधेयक भारत
जनसंख्या नियमन विधेयक भारत|Google
देश

दो बच्चों वाली इस पॉलिसी से देश में क्या होगा बदलाव, किन पर पड़ेगा इसका ज्यादा असर ? 

भारत में जनसंख्या वृद्धि एक बड़ी समस्या बन चुकी है जिसपर अगर एक्शन न लिया गया तो वो दिन दूर नहीं है कि हमारा देश चीन से भी आगे हो जाएगा।  

Puja Kumari

Puja Kumari

जनसंख्या वृद्धि एक गंभीर समस्या है जिसका शिकार अभी तक चीन ही था लेकिन अब भारत के लिए भी ये बड़ी समस्या बन चुकी है। यही वजह है कि बीते कुछ समय से इस बात पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। हाल के आंकङों पर अगर गौर किया जाए तो जनसंख्या के मामले में दुनिया में चीन के बाद भारत का ही नंबर आता है। लेकिन अगर इसपर कोई ठोस कदम न उठाया गया तो अब वो दिन दूर नहीं है कि भारत सारे रिकॉर्ड पार कर जाएगा। बताया जा रहा है कि साल 2027 तक भारत इस लिस्ट में चीन को पछाड़ते हुए टॉप पर आ जायेगा। भारत के लिए यह एक बड़ी समस्या बन गई है, और अब इससे निपटने के लिए सरकार भी गंभीर हो गयी है।

कैसे उत्पन्न हुई ये समस्या

अगर आप भारतीय समाज से परिचित होंगे तो आपको ये पता ही होगा कि यहां पुत्र प्राप्ति को कितनी प्राथमिकता दी गयी है। जी हां ये कोई नई बात नहीं है हमारे समाज में आज भी कई लोग पुत्र की चाहत रखते हैं और इसे पूरा करने के लिए कई बेटियों को भी जन्म देते हैं। एक सर्वे के अनुसार पता चला कि इस देश में लड़कों की तमन्ना पूरी करने के चक्कर में देश में 2.1 करोड़ अनचाही बच्चियां पैदा होती हैं। ये सुनकर आपको झटका जरूर लगा होगा पर ये सत प्रतिशत सच है। जनसंख्या में बढ़ोत्तरी के कारण आम जनता को आये दिन बुनियादी सुविधाएं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और नौकरी उपलब्ध कराने में सरकार को कई समस्याएं आ रही हैं। ऐसे में  जनसंख्या पर नियंत्रण करने के लिए सरकार बड़ा कदम उठा सकती है।

जनसंख्या नियमन विधेयक भारत
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क्या है जनसंख्या नियमन विधेयक

भारत में बढ़ती जनसंख्या पर लगाम लगाने के लिए  हाल ही में राज्यसभा में एक बिल पेश किया गया है जिसका नाम है जनसंख्या नियमन विधेयक बिल। यह एक प्राइवेट बिल है जिसे सरकार ने नहीं बल्कि राज्यसभा के निजी सदस्य के रूप में सांसद राकेश सिन्हा ने पेश किया है। हालांकि जनसंख्या नियंत्रण करने के लिए इस कानून की चर्चा पहले भी हो चुकी है पर अभी तक यह लागू नहीं हुआ है। इस बिल को अभी कई प्रक्रियाओं से होकर गुजरना है।
सबसे पहले तो इस बिल को विस्तार से समझने के लिए इन बिन्दुओ को समझना होगा

* इस बिल में सबसे महत्वपूर्ण चीज ये है कि एक परिवार सिर्फ दो बच्चे ही रख सकता है, और जो भी परिवार इस नियम का पालन करता है सरकार उसे कई सारी सुविधाएं प्रदान करेगी जैसे कि- कम ब्याज दर पर लोन, बैंक में पैसा जमा करने पर ब्याज ज्यादा मिलेगा इसके अलावा शिक्षा व नौकरी के क्षेत्र में भी सरकार प्राथमिकता देगी।

* दूसरा नियम सरकारी कमर्चारियों को लेकर है जिसमे कहा गया है कि अगर आप सरकारी कर्मचारी है तो आपको नौकरी के दौरान शपथ लेते समय सरकार को एक पत्र लिखकर देना होगा की इस कानून के लागू होने के बाद 2 से ज्यादा बच्चों को जन्म नहीं देंगे।

* तीसरा नियम है नेताओं के लिए जिसमें ये प्रावधान है कि जो भी नेता इस नियम के लागू होने के बाद 2 से ज्यादा बच्चे पैदा करते हैं तो वो न तो सांसद बन सकेंगे, न विधायक बन पाएंगे और न ही किसी भी तरीके से सरकार में शामिल हो पाएंगे।

इसे न मानने वालों को क्या सजा मिलेगी

यह ह्यूमन नेचर है कि जब भी कोई नया नियम बनता है तो लोगों के मन में सबसे पहले ये सवाल आता है कि अगर वो इसे नहीं मानते हैं तो उसके बदले क्या सजा मिलेगी? तो अब ये भी बता दें कि इस नियम के लागू होने के बाद जो लोग इसे नहीं मानते हैं उनके ऊपर पेनाल्टी लगाने का भी प्रावधान है...

इस नियम को न मानने वाले लोगों के लिए सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधा जैसे पहला घर, गैस सिलेंडर या फिर अन्य सभी चीजों पर मिलने वाली सब्सिडी कम कर दी जाएगी। इसके साथ ही सरकारी स्किम से मिलने वाले राशन या फिर अन्य सुविधाएं बंद कर दी जाएंगी। ये पेनाल्टी उन लोगों के लिए ही है जो इस नियम के लागू होने के बाद इसका उलंघन करेंगे, जिनके पहले से 2 से अधिक बच्चे है उनपर इसका कोई असर नहीं होगा।

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कितना कारगर साबित होगा ये बिल

अब सवाल ये उठता है कि अगर ये नियम लागू भी होता है तो इससे किन-किन लोगों के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?

इस नियम को लेकर सोशल मीडिया पर हर कोई अपनी राय रखने लगा। कई लोग इस बिल का समर्थन कर रहे है तो कई विरोध कर रहे है। कुछ लोगों का मानना है कि जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण के लिए ये नियम सबसे बेस्ट है । लेकिन दूसरी ओर कुछ वर्ग ऐसे हैं जिनका मानना है कि इस बिल से गरीबो को काफी नुकसान होगा, उनको सरकार की ओर से जो अनाज व बाकी सुविधाएं मिलती थी वो बंद हो जाएंगी और ऐसे में भुखमरी की स्थिति पैदा होगी। इतना ही नहीं कुछ लोग तो ये भी कह रहे हैं कि इस नियम के लागू होने से भ्रूण हत्या को बढ़ावा मिलेगा लोग लड़को की चाह में लड़कियों को जन्म देने से पहले ही मार देंगे।

वैसे आपको बता दें कि ये 2 बच्चों वाली पॉलिसी भारत से पहले चीन में सन 1970 में लागू की गई थी। जहां पर शहरी परिवार के लिए 1 और गांव के परिवार के लिए 2 बच्चों का नियम बनाया गया था। चीन के नागरिक इस नियम को अगर तोड़ते थे तो उनकी सैलरी काटी जाती थी या फिर जेल तक भेजा जा सकता था। जिसका असर देखने को ये मिला कि वह बुजुर्ग लोगों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होने लगी तब जाकर चीन ने इस नियम में थोड़ी हेरफेर की और उन परिवार को 2 बच्चों से ज्यादा बच्चे करने की इजाजत दे दी जो अपने माता-पिता की इकलौती संतान थें।

हालांकि अभी तक इस विधेयक पर संसद में चर्चा शुरू नही हुआ है और कई सारे सवाल ऐसे भी हैं जिसका जवाब इस बिल में नहीं है जैसे कि अगर किसी को 1 बच्चे के बाद जुड़वा बच्चे हो जाते है तो उसके साथ क्या होगा? इसके अलावा अन्य कई सारी बातों पर अभी भी सस्पेंस जारी है।