उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
सूरत में ट्रिपल तलाक का मामला 
सूरत में ट्रिपल तलाक का मामला |Social Media
देश

गुजरात: पत्नी से 40 हज़ार रूपये की मांग कर रहा था पति, नहीं मिलने पर दे दिया ‘ट्रिपल तलाक’ 

40,000 रूपये के खातिर पति ने दिया ट्रिपल तलाक 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

विपक्ष के भारी विरोध के बाद भी कल लोकसभा में 'ट्रिपल तलाक' बिल पास हो गया और आज इसे राज्यसभा में पारित किया जाएगा। ट्रिपल तलाक बिल के पास होने में हो रही देरी से कई महिलाओं का घर उजड़ रहा है। आए दिन किसी ना किसी महिला को 'ट्रिपल तलाक' का सामना करना पड़ता है। खबर मिली है कि गुजरात के सूरत में एक महिला को सिर्फ इसलिए 'ट्रिपल तलाक' दे दिया गया क्योंकि उसका पति ई-रिक्शा नहीं खरीद सका।

दरअसल, गुजरात के सूरत में रहने वाली एक महिला ने अपने पति पर आरोप लगाया है कि उसके पति ने पहले उसके पिता से चालीस हज़ार रूपये की मांग की थी। उसका पति ई-रिक्शा खरीदना चाहता था। लेकिन जब उसके पिता ने ई-रिक्शा खरीदने के लिए 40 हज़ार रूपये नहीं दिए तो गुस्से में आकर उसके पति ने उसे 'ट्रिपल तलाक' दे दिया।

जिसके बाद पीड़ित महिला पुलिस के पास पहुंची और कहा कि मेरे पति को सजा और मुझे न्याय कब मिलेगी। इस मामले की जाँच फ़िलहाल एसीपी स्पेशल ब्रांच की टीम कर रही है। पुलिस ने कहा कि हम पहले इस मामले की जाँच करेंगे फिर आरोपी को सजा दी जाएगी।

ट्रिपल तलाक़ लोकसभा में पास

आपको बता दें कि लोकसभा में कल ट्रिपल तलाक बिल पास हो गया। इसके पक्ष में 303 वोट पड़े और विपक्ष में 82 वोट पड़े। बीजेपी की सहयोगी पार्टी JDU ने इस बिल का समर्थन नहीं किया था।ट्रिपल तलाक बिल पर चर्चा के दौरान कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने इसे 'नारी सम्मान' का बिल बताया था और कहा था कि मोदी सरकार हिंदुस्तान की बेटियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रतिबंधित है। इस विधेयक पर सियासत, धर्म या सम्प्रदाय का सवाल नहीं है।

बिल से मजबूत बनेंगी महिलाएं

  • ट्रिपल तलाक बिल को रद्द और गैर क़ानूनी बनाने के लिए सरकार प्रवधान लेकर आएगी।
  • अगर कोई इसे नहीं मानता है तो उसे अपराधी माना जायेगा, पुलिस उसे बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकती है।
  • दोषी को 3 साल की जेल होगी।
  • इस पर तभी संज्ञान लिया जायेगा जब पीड़ित महिला या उसका कोई सगा-संबंधी शिकायत करे।
  • पीड़ित पक्ष की बात सुने बिना जज कोई फैसला नहीं ले सकता।
  • महिला की इक्छा से ही मजिस्ट्रेट समझौते की अनुमति दे सकता है।
  • महिला को पति द्वारा मेन्टेन्स पाने का अधिकार है।
  • महिला अपने बच्चों को साथ रखे या नहीं ये जज तय करेगा।