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Pratibha Patil
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देश

आज ही के दिन मिली थी देश को पहली महिला राष्ट्रपति

25 जुलाई 2007 को देश को प्रतिभा पाटिल के रूप में पहली महिला राष्ट्रपति मिली थी।

Varun Singh

Varun Singh

Summary

जहां यह सत्य है की भारत हमेशा से ही पुरुष प्रधान देश कहा गया है, वही यह भी सत्य है की यहां नारियों का सम्मान भारतीय समाज का प्रमुख अंग है। प्राचीन काल से ही भारत के इतिहास में नारियों की प्रमुख भूमिका रही है। इसी गौरवशाली इतिहास के बल पर कहा जाता है कि नारी जो चाहे वो कर सकती है। वह अबला नहीं, ज़रूरत पड़ने पर वह किसी भी क्षेत्र में अपना हुनर बखूबी दिखा सकती है। ऐसे में आज का दिन भारतीय समाज व संविधान दोनो के ही दृष्टि से बहुत खास हो जाता है। क्योंकि जिस प्रकार देश को पहली महिला  प्रधानमंत्री बनने का गौरव इंदिरा गाँधी के रूप में प्राप्त है ठीक उसी प्रकार आज के ही दिन वर्ष 2007 में प्रतिभा पाटिल के रूप में भारत को पहली महिला राष्ट्रपति मिलने  का गौरव प्राप्त हुआ था।

प्रारंभिक जीवन

भारत की बारहवीं राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल का जन्म 19 दिसम्बर 1934 को महाराष्ट्र के नदगांव में हुआ था। इनके पिता नारायण राव पाटिल एक राजनेता थे, जिनसे प्रेरित होकर श्रीमती पाटिल ने राजनैतिक दुनिया में कदम रखा था। इन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जलगांव के आर आर विद्यालय से प्राप्त की। इसके बाद कानून की पढ़ाई मुम्बई के सरकारी लॉ कॉलेज से पूरी की तथा आगे चलकर राजनीति विज्ञान एवं अर्थशास्त्र में मास्टर की डिग्री प्राप्त की।

बता दें की श्रीमती पाटिल को 1962 में एम जे कॉलेज में 'कॉलेज क्वीन' का खिताब भी प्राप्त हो चुका है तथा ये टेबल टेनिस की एक कुशल खिलाड़ी भी रह चुकी हैं। इसके बाद 1965 में रन सिंह शेखावत के साथ इन्होंने विवाह कर लिया।

प्रतिभा पाटिल और राजनीति

प्रतिभा पाटिल ने अपने पिता से प्रभावित होकर बहुत कम उम्र में ही राजनीति के मैदान में उतर गयीं। ये सर्वप्रथम महाराष्ट्र के जलगांव सीट से विधानसभा की सदस्य बनीं तथा 1962 से लगातार 4 बार मुक्तिनगर सीट से INC से उम्मीदवार रहीं। प्रतिभा पाटिल ने राजनीति के गुरु के तौर पर महाराष्ट्र के भूतपूर्व मुख्यमंत्री यशवंत राव चौहान को माना। यही कारण है की वे अपनी हर राजनैतिक फैसले इनके परामर्श से ही करती थी।

श्रीमती पाटिल महाराष्ट्र के प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्ष रहने के साथ ही महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष लीडर की भूमिका में भी रह चुकी हैं।

प्रतिभा पाटिल को 8 नवंबर 2004 को राजस्थान का गवर्नर बनाया गया तथा 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम के कार्यकाल के बाद इन्हें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की तरफ से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया।

समाजसेविका के तौर पर प्रतिभा पाटिल

श्रीमती पाटिल ने राजनीति के साथ-साथ समाज से जुड़े अनेक पहलुओं पर कार्य किया। उन्होंने जलगाँव में एक तरफ जहां महिला होमगार्ड की स्थापना की वहीं दूसरी तरफ गरीब,असहाय महिलाओ की जरूरतों को पूरा करने व उनके सशक्तिकरण के उद्देश्य से संगीत, सिलाई व कम्प्यूटर की कक्षाएं शुरू करवाई। इन्होने किसानों के हित को देखते हुए 'कृषि विज्ञान केंद्र' की स्थापना जैसे अनेक कार्य किये।

भारत की बारहवीं राष्ट्रपति के तौर पर उन्होंने यह साबित कर दिया की महिला न सिर्फ एक कुशल गृहणी बल्कि वह समाज से जुड़े चीजो के प्रति भी अपनी बेहरतीन कौशल प्रतिभा दिखा सकती है।