उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
उत्तर प्रदेश  या अपराध प्रदेश 
उत्तर प्रदेश या अपराध प्रदेश |Google
देश

क्या सीएम योगी यूपी के माथे से हटा सकेंगे अपराध प्रदेश का कलंक?

उत्तर प्रदेश में हुए अपराधों के आंकड़े सामने आने के बाद उसे अपराध प्रदेश कहा जाने लगा है। जिसके बाद से योगी राज पर सवाल उठाया जा रहा है।

Puja Kumari

Puja Kumari

वैसे तो हमारे देश के सभी राज्यों में आए दिन अपराध होते ही रहते हैं कहीं कम तो कहीं ज्यादा। लेकिन आज हम बात करेंगे उत्तर प्रदेश की जहां घटनाओं की वारदात इतनी बढ़ गयी कि अब इस प्रदेश को लोग अपराध प्रदेश कहने लगे हैं। हाल ही में यूपी के सोनभद्र में हुए 10 लोगों के नरसंहार से हर किसी का दिल दहल गया। विवाद सिर्फ जमीन का था लेकिन अंजाम इतना दर्दनाक होगा किसी को पता भी नहीं था। अफसोस तो ये होता है कि इस घटना के बाद पुलिस का रवैया भी खास नहीं रहा।

हालांकि कुछ दिनों से यूपी में कहीं आदिवासी मारे जा रहे हैं तो कहीं पुलिस वाले, अपराधियों का दिन प्रतिदिन मन बढ़ता जा रहा है ये और भी ज्यादा बेख़ौफ़ होते जा रहे हैं लेकिन शर्म तो इस बात से आ रही है कि लगातार बढ़ रहे इन अपराधों के बावजूद प्रदेश सरकार इसपर ध्यान देने के बजाय पीड़ितों से मिलने आये प्रियंका गांधी को रोकने का भरसक प्रयास किया जा रहा है। अब सवाल ये आता है कि क्या राजनीति के आगे प्रदेश सरकार के पास कानून व्यवस्था सुधारने का प्लान है? आखिर पुलिस पर से नेताओं का दबाव कब खत्म होगा ? इन घटनाओं के बाद सबसे अहम और आखिरी सवाल ये होगा कि क्या योगी सरकार यूपी के माथे से अपराध प्रदेश का कलंक हटा पाएगी?

उत्तर प्रदेश में बढ़ता अपराध
उत्तर प्रदेश में बढ़ता अपराध
Google

उत्तर प्रदेश पर क्यों लगा अपराध प्रदेश का कलंक

अगर हम अपना ध्यान आंकड़ों पर केंद्रित करते हैं तो इस सवाल का जवाब भी आपको खुद मिल जाएगा।

* 30 मई 2019 को अलीगढ़ में घर से लापता हुए 2 साल के बच्चे का शव मिला।

* 21 जून 2019 को उन्नाव में 11 साल की बच्ची के साथ रेप व हत्या हुई।

* 4 जून 2019 को मेरठ में 11 साल की बच्ची का शव मिला।

* 15 जुलाई 2019 को महराजगंज में सपा नेता की हत्या कर दी गयी।

* 15 जुलाई 2019 को प्रतापगढ़ में वीएचपी नेता की हत्या कर दी गयी।

* 17 जुलाई 2019 संभल में 2 पुलिस वाले के आंख में मिर्च डालकर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई और अपराधी फरार हो गए।

* 18 जुलाई 2019 बरेली में जमीन से संबंधित हुए विवाद को लेकर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस के साथ ग्रामीणों ने मारपीट की।

इन आंकड़ों को देखने के बाद आपको ये तो समझ आ ही गया होगा कि उत्तर प्रदेश के माथे अपराध प्रदेश का कलंक क्यों लगा।

उत्तर प्रदेश में बढ़ता अपराध
उत्तर प्रदेश में बढ़ता अपराध
google

पुलिस पर से नेताओं का खत्म हो दबाव

इन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सबसे पहले जरूरी है कि पुलिस बल से नेताओं के दबाव को हटाया जाए ताकी वो अपनी जिम्मेदारी स्वतंत्रता पूर्वक निभा सके। इस मामले में साल 2006 में सुप्रीम कोर्ट ने भी आदेश दिया था कि पुलिस इस्टेबलिशमेंट बोर्ड का निर्माण किया जाए जिसमें डीएसपी के निचले स्तर वाले पुलिस के ट्रांसफर व पोस्टिंग संबंधित सभी फैसले ले सके। केंद्र में नेशनल सिक्योरिटी ऑफ कमीशन बनाया जाए। प्रदेशों व जिलों में पुलिस से जुड़ी शिकायतों के लिए फ्रीडम कंप्लेन ऑथोरिटी बनाया जाए। ऐसा करने से पुलिस पर से नेताओं का दबाव कम होगा और वो स्वतंत्र रूप से अपना कार्य करेंगे। इससे अपराधियों के मन में भी ख़ौफ उत्पन्न होगा।

अफसोस तो इस बात का है कि योगी सरकार इन आंकड़ों को कम करने के बजाय कांग्रेस पर इसका दोष मढ़ रही है। सरकार राजनीति में क्या इतनी अंधी हो चुकी है कि वो अपने प्रदेश पर लगे कलंक को मिटाने के बजाय दोषारोपण ही कर रही है। अब ये तो वक़्त ही बताएगा कि सरकार अपने कार्यकाल में बढ़ रहे इन अपराधों पर लगाम लगा पाती है या फिर एक दूसरे पर दोषारोपण ही करती रहती है।