उदय बुलेटिन
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 चंद्रयान 2
चंद्रयान 2|Social Media
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सामने आई चंद्रयान 2 के लॉन्चिंग की नई तारीख, इस बार दिन-रात तैयारी कर रहा है ISRO 

बाहुबली 2 की लॉन्चिंग में चार दिन बाकि 

AKANKSHA MISHRA

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भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने आज 18 जुलाई को घोषणा करते हुए कहा कि चंद्रयान-2 को पूर्व निर्धारित समय के सात दिन बाद यानी की 22 जुलाई को दोबारा प्रक्षेपित किया जाएगा। इससे पहले 15 जुलाई को चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण तकनीकी खामी पाए जाने पर नियत समय से एक घंटा पहले रोक दिया गया था। इसरो ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए यह जानकारी दी।

इसरो ने अपने ट्वीट के जरिए बताया कि चंद्रयान 2 का प्रक्षेपण 22 जुलाई को 2 बज कर 43 मिनट में किया जाएगा। इस मिशन पर 976 करोड़ रुपये खर्च किये गए हैं।

इससे पहले इसरो के एक अधिकारी ने कहा था कि 15 जुलाई को अगर चंद्रयान 2 अंतरिक्ष प्रक्षेपण कर दिया जाता तो भारत को 1000 करोड़ का नुकसान होता। बताया जा रहा है 'चंद्रयान 2' जिसे 'बाहुबली यान' भी कहा जा रहा है उसका प्रक्षेपण राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की उपस्थिति में श्रीहरिकोटा से होगा था , लेकिन तकनीकी कमियों की वजह से यह प्रक्षेपण नहीं हो पाया।

इसरो के प्रवक्ता ने बताया कि चंद्रयान 2 का प्रक्षेपण 15 जुलाई को रात 2 बज का 51 मिनट में होने वाला था। लेकिन प्रक्षेपण के 56 मिनट 24 सेकंड पहले इसरो ने इस मिशन के नियंत्रण कक्ष ने रात 1 बज कर 55 मिनट में रोक दिया। इसरो के एक अधिकारी ने कहा कि -प्रक्षेपण यान में एक तकनीकी खामी दिखी और हमने सुरक्षा के तहत मिशन रोकने का फैसला लिया और चंद्रयान 2 के प्रक्षेपण को टाल दिया गया।

आपको बता दें कि चन्द्रमा तक पहुंचने वाले देशों में सबसे पहला नाम अमेरिका का है। अमेरिका ने 17 अगस्त 1958 में पहली बार चंद्रमा पर पहुंचने का मिशन बनाया था। जोकि असफल रहा था। इस मिशन के 6 महीने बाद सोवियत संघ को सफलता मिली। सबसे पहले चंद्रमा मिशन का नाम लूना 1 था। जिसका प्रक्षेपण सोवियत संघ ने 4 जनवरी 1958 को किया था। चंद्रमा तक पहुंचने वाले देश में अमेरिका, रूस, जापान, यूरोपीय संघ, चीन और भारत है।