उदय बुलेटिन
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BJP Parliamentary Meeting
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संसद में मंत्रियों की गैरहाजरी पर पीएम मोदी की सीख “First Impression is the Last Impression”

बीजेपी सांसदों को मोदी मंत्र

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारतीय जनता पार्टी संसदीयदल की बैठक को संबोधित किया। इस बैठक में उनके साथ गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित कई बीजेपी नेता मौजूद थे। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को गुस्से में देखा गया। उन्होंने बीजेपी नेताओं की क्लास लगा दी। प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में चर्चा के दौरान अनुपस्थित रहने वाले अपने मंत्रियों के प्रति रोष प्रकट करते हुए पार्टी नेताओं से शाम तक अनुपस्थित रहने वाले मंत्रियों की सूची तैयार करने को कहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में शामिल नहीं होने वाले नेताओं को फटकार लगाई और नसीहत दी पीएम मोदी ने कहा कि -

  • संसद में बहस के दौरान सभी नेता मौजूद रहेंगे।
  • रोस्टर में अनुपस्थित सांसदों की जानकारी मुझे दी जाए।
  • अपने ड्यूटी से हट कर काम करें।
  • देश जल संकट से जूझ रह है। इस क्षेत्र में काम करें।
  • अपने क्षेत्र के अधिकारीयों को संपर्क करें और काम में उनकी सहायता करें।
  • सरकारी योजनाओं का प्रचार करें। कुछ इनोवेटिव काम करें।

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने कहा संसद में बहस का हिस्सा नहीं होने वाले सभी नेताओं पर कार्रवाई होगी । सांसद अपने क्षेत्र में कुछ नया प्रयोग कर सकते हैं। हर नेता का प्रमुख काम जनता की समस्या पर ध्यान देना होगा। प्रधानमंत्री ने नव-निर्वाचित सांसदों को सीख देते हुए कहा कि ध्यान में रखे 'आपकी पहली छाप ही आखिरी छाप होती है (First Impression Is The Last Impression) इसलिए मंत्रियों को पहले दिन से ही काम करना होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो जनता उन्हें कभी दूसरा मौका नहीं देगी।'

दरअसल बीजेपी सांसदों पर प्रधानमंत्री मोदी का गुस्सा पूरी तरह जायज है। इस बैठक में शामिल होने के लिए नेताओं को 14 जुलाई तक सूचित कर दिया गया था। उन्हें नोटिस भी जारी किया गया था ताकि वो इस बैठक का हिस्सा बने। लेकिन बीजेपी नेता अपने सामने किसी को कुछ नहीं समझते। उन्हें पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली यह बैठक भी जनता दरबार लगी इसलिए नहीं आये। बाद में पीएम ने उनसभी की क्लास लगा दी।

आपको बता दें कि 9 जुलाई को हुई बैठक में पीएम ने सांसदों को निर्देश दिया था कि गांधी जयंती और पटेल जयंती यानि कि 2 से 31 अक्टूबर तक सभी नेता अपने संसदीय क्षेत्र में 150 किलोमीटर तक पदयात्रा करें और जनता दरबार में भाग लें।