उदय बुलेटिन
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हज यात्रा
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क्या अब ‘हज’ जाना हो जाएगा बंद !, दुनियाभर के मुसलमान कर रहे विरोध

काफी सालों पहले से ही मुस्लिम समुदाय अपनी हज यात्रा के लिए सऊदी अरब जाते हैं लेकिन अब ऐसा होना मुश्किल नजर आ रहा है।

Puja Kumari

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जिस तरह से हिंदू धर्म में लोग अपनी आस्था व भक्ति के लिए तमाम तीर्थस्थलों पर जाते हैं। वैसे ही मुस्लिम धर्म के लोग भी अपनी तीर्थयात्रा पूरी करने के लिए हज पर जाते हैं। सउदी अरब में स्थित मक्का व मदीना इस्लाम के दो प्रमुख तीर्थस्थल माने जाते हैं और काबा व पैगंबर मोहम्मद का मजार भी यही पर है। इस्लाम के पांच मूल स्तंभों में से एक है ये। यही वजह है कि हर साल 23 लाख लोग यहां जाते हैं। इस्लाम का सउदी अरब से बेहद ही गहरा रिश्ता है तभी तो भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर के मुस्लमानों का यहां जाना लगा रहता है।

अत्याधिक मुस्लमानों की संख्या का यहां पहुंचना इस देश को और भी ज्यादा मजबूत बनाता है तभी तो पड़ोसी देशों के अलावा दुनिया के सभी मुस्लिम समुदायों पर भी इसका प्रभाव काफी हद तक रहता है। इसे उदाहरण के तौर पर आप समझ सकते होंगे कि वर्तमान समय में इस देश की अहमियत सिर्फ मजबूत सैन्य शक्ति व राजनीतिक स्तर पर ही नहीं बल्कि इस्लाम के साथ इसका पुराना संबंध भी इसे मजबूती प्रदान करता है।

इस वजह से 'हज' का हो रहा है बहिष्कार

यह जो कुछ भी था वो पहले की स्थिति थी लेकिन अब हवा का रूख बदल रहा है और वर्तमान समय में सउदी अरब के लिए परेशानियां घेरा बना रही है। जी हां दरअसल अभी कुछ माह पहले ही सुन्नी समुदाय के मौलवी सादिक अल-घरीआनी ने सभी मुसलमानों से हज के बहिष्कार की अपील की थी। उनका मानना था कि किसी भी मुस्लिम के लिए एक से अधिक बार हज करना सही नहीं है। उस समय ये मामला उतना जोर नहीं पकड़ा था। लेकिन अब जाकर सोशल मीडिया पर #boycotthajj जबरदस्त तरीके से ट्रेंड करने लगा है, धीरे-धीरे इस मुहीम का दुनिया भर के अन्य मुस्लिम समुदाय भी समर्थन करने लगे हैं।

सउदी अरब की इकॉनमी में 'हज' का है बड़ा रोल

अब आप सोच रहे होंगे कि भला आखिर अचानक से ऐसा क्या हो गया जो हज यात्रा पर भी पाबंदियां लगाई जाने लगी। तो इसके पीछे एक बड़ी वजह छिपी हुई है, ऐसा माना जा रहा है कि हज यात्रा के बहाने ही सउदी अरब अपनी अर्थव्यवस्था काफी मजबूत करते जा रहा है। इतना ही नहीं सउदी लगातार इन पैसों का प्रयोग हथियार खरीदने में कर रहा है। सर्वे में पता चला है कि सउदी को हज यात्र से कुल 12 अरब डॉलर की कमाई होती है।

इस देश की कमाई का स्रोत अब तेल के अलावा हज यात्रा भी बन चुका है। जिस वजह से वो आए दिन इन पैसों का व्यय लग्जरी होटलों को बनवाने आदि में कर रहा है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो 2022 तक ये कमाई 150 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगी और ऐसे में सउदी अरब की इकॉनमी भी काफी मजबूत हो जाएगी। वहीं दूसरी ओर गरीब मुसलमानों के लिए हजयात्रा एक सपने की तरह हो गया है क्योंकि वो इतना खर्च वहन नहीं कर पाते हैं।