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पिता ने की बेटे की हत्या
पिता ने की बेटे की हत्या|Social Media
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बेटे ने शराब पीकर पड़ोसी के घर में घुसकर नाबालिग से छेड़छाड़ की, पिता ने फावड़े से काट दी गर्दन

पिता ने की बेटे की हत्या, इलाके में फैली सनसनी   

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

अपनों की गलती स्वीकार करना आज के समाज मे कितना सम्भव है यह सब आपको रोज की खबरों में पता चलता रहता होगा। आतंकी का पिता अपने बेटे को मौत के आखिरी वक्त तक यह साबित करने में जुटा रहता है यह दोषी है ही नहीं। आये दिन बलात्कारी के परिजन अपने आरोपी बेटे को बचाने के लिए हजारों पापड़ बेलते हैं। लेकिन इस घटना ने सारे मायने उलट कर रख दिया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में पड़ने वाले आदमपुर थाना क्षेत्र में तरोली गांव में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। जिसमें पिता ने अपने बेटे की गर्दन को फावड़े से उड़ा दिया है।

घटना सोमवार की रात लगभग ग्यारह बजे की है। तरौली गांव के निवासी गिरीश गूर्जर का अठारह वर्षीय बेटा सत्येन्द्र शराब पीकर पड़ोसी महाराज सिंह के घर नाबालिग बेटी के साथ बदनीयती से घुस गया, घर मे घुसकर नाबालिग बेटी को अकेले पाकर छेड़छाड़ भी कर दी, लेकिन शोर मचाने की वजह से सत्येन्द्र भाग निकला।

इस मामले की शिकायत महाराज सिंह ने गिरीश से की, गिरीश ने इस घटना को नारी सम्मान के लिए पूरी तरह से गलत माना और समाज मे एक विचित्र संदेश देने के लिए गुस्से में आकर अपने 18 वर्षीय बेटे सत्येन्द्र की गर्दन फावड़े से काट दी। पुलिस ने जानकारी पाकर गिरीश गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया है,मौके पर खून से सना हुआ फावड़ा भी जब्त कर लिया गया है।

बकौल गिरीश "मैंने अपने बच्चे को इस तरह की शिक्षा कभी नहीं दी, इस दुष्ट ने नाबालिग बच्ची की इज्जत से खेलने का प्रयास किया है ,जो मुझे किसी भी हालत में मंजूर नहीं है। इसको समाज मे रहने का कोई अधिकार नहीं है। अदालते तो अपना काम अलग तरीके से करती है। वहां अपराधी भी छूट जाता है, और निर्दोष भी सालों तक परेशान रहते है।”

मेरे बेटे ने जो किया वह जघन्य अपराध है, मेरे धर्म मे नारी अस्मिता सबसे बड़ी है, खासकर बच्चियां जिन्हें देवी का रूप माना जाता है, और उस देवी के साथ हवस का खेल कैसे खेला जा सकता है।”

हालांकि इस घटना पर गांव समेत क्षेत्र में मिश्रित भाव है जहां लोग गिरीश की न्यायप्रियता की बड़ाई कर रहे वही बेटे की हत्या करने के लिए कड़े दिलवाला भी कह रहे है।