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यूपी को भिखारी मुक्त प्रदेश करने की योगी की पहल 
यूपी को भिखारी मुक्त प्रदेश करने की योगी की पहल |google
देश

योगी राज में भिखारियों के आने वाले हैं अच्छे दिन, अब नहीं दिखेगा एक भी भिखारी

कल जो सड़कों पर भीख मांगते थें उन लोगों ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि आज इनको नौकरी करने का मौका भी मिलेगा। 

Puja Kumari

Puja Kumari

जिस तरह से देश के पीएम मोदी का जलवा हर तरफ छाया हुआ है वैसे ही यूपी में सीएम योगी (Chief Minister Yogi Adityanath) का क्रेज बना हुआ है। अपने हिंदुत्व ब्रांड व भगवा छवि को लेकर पहचाने जाते हैं सीएम योगी। यही वजह है कि यूपी जो कि राजनीति का गढ़ माना जाता है इसकी जिम्मेदारी पीएम मोदी ने योगी के हाथ में सौंपी। सत्ता पर आसीन योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) विकास कार्य को बढ़ावा देने के लिए आए दिन कोई न कोई ऐसा फैसला लेते हैं जिसकी वजह से वो चर्चा में आ जाते हैं, इतना ही नहीं कई बार तो योगी के इन कड़े फैसलों के कारण इनकी तुलना पीएम मोदी से भी की जाने लगी। आज एक बार फिर से सीएम योगी ने कुछ ऐसा किया जो शायद यूपी की जनता ने सोचा भी नहीं होगा।

दरअसल हाल ही में सीएम योगी ने यूपी के लिए एक नई पहल की शुरूआत की है और वो है 'यूपी को भिखारी मुक्त प्रदेश करने की पहल। वैसे ये नई बात नहीं है बल्कि इससे पहले भी अगर याद करें तो जब योगी आदित्यनाथ ने पहली बार कुर्सी संभाली थी तो तुरंत ही उन्होने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था से लेकर किसानों की दुर्दशा हो या फिर प्रदेश का विकास कार्य सभी को टारगेट करते हुए प्लान बनाया था और हर विभाग की क्लास लगाते हुए बिल्कुल मोदी के अंदाज में काम सौंपा था।

यूपी को भिखारी मुक्त प्रदेश करने की योगी की पहल 
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भिखारियों के लिए आए अच्छे दिन

इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ, सीएम योगी के इस अनोखे पहल पर काम शुरू हो चुका है। इसकी शुरूआत प्रदेश की राजधानी लखनऊ से की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य सभी भिखारियों को आत्मनिर्भर बनाना है। लखनऊ नगर निगम (Lucknow Municipal Corporation) के कर्मचारी इस काम में जुट चुके हैं, सड़कों पर जाकर भिखारियों का सर्वे किया जा रहा है जिसमें उनका नाम, उम्र पता जानने के साथ-साथ उनकी शैक्षणिक योग्यता का भी विवरण लिया जा रहा है। इनकी योग्यताओं के आधार पर इनको सरकार काम देगी। सर्वे पूरा होने पर देखा गया कि सिर्फ लखनऊ में ही 4 हजार से भी ज्यादा भिखारियों का नाम सामने आया है।

देखा जाए तो योगी सरकार की ये नई पहल भिखारियों के लिए एक स्वर्णिम अवसर है। इन भिखारियों ने तो सपने में भी नहीं सोचा था कि उनकी किस्मत ऐसे पलटी मारेगी। जरा सोचिए जिसने सारी उम्मीदें छोड़कर कैसे भी भीख मांगकर गुजर बसर करने की सोच ली हो उसके लिए तो सीएम योगी अलादीन का चिराग की तरह प्रस्तुत हुए हैं। यह भी सच है कि अगर योगी सरकार की ये पहल पूर्ण होती है तो इन सभी भिखारियों को काम (jobs to beggars) मिल जाएगा व रहने खाने की व्यवस्था भी हो जाएगी। बताया जा रहा है कि इन भिखारियों को नगर निगम नौकरी (Lucknow Municipal Corporation) देगी, इसके अलावा इनमें जो बच्चे शामिल है उनको बाल विकास कल्याण मंत्रालय भेजा जाएगा। ऐसा करने के बाद अब आपको सड़कों पर भिखारी नजर नहीं आएंगे।

योगी ने चलाया जादू, सुधरेगी स्थिती

आमतौर पर हम सभी के नजरों में भीख मांगना एक बुराई है लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि जो लोग अपना गुजर बसर भीख मांगकर करते हैं वो भी एक इंसान ही होते हैं। पर अफसोस की वो सामान्य लोगों की तरह नहीं जी पाते हैं। ऐसे में योगी सरकार ने इनके दर्द को समझा। अगर एक नजर आंकड़ो पर डालें तो साल 2018 में समाजिक कल्याण मंत्रालय ने भीख मांगने वाले लोगों की एक रिपोर्ट पेश की थी जिसमें भिखारियों की कुल संख्या 4,13, 708 बताई गई। जिसमें सबसे ज्यादा पश्चिम बंगाल में भिखारी हैं, इसके बाद उत्तरप्रदेश में और फिर बिहार में। वहीं पूर्वोत्तर के राज्यों में इनकी तादात कम है। अनुमान है कि योगी सरकार के इस पहल के बाद इन आंकड़ों में तेजी से बदलाव देखने को मिलेगा।