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बंगाल में हनुमान चालीसा पर सियासत
बंगाल में हनुमान चालीसा पर सियासत|Social Media
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Video: बंगाल में अब हनुमान चालीसा पर सियासत, सड़क जाम कर किया हनुमान चालीसा का पाठ

बंगाल में टीएमसी और भाजपा का संघर्ष बढ़ता ही जा रहा है

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में स्थित बल्ली खल नामक जगह पर भाजपा ने सियासत का नया दांव खेल दिया है। भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष ओम प्रकाश के नेतृत्व में प्रियंका शर्मा सहित खासी संख्या में कार्यकर्ताओं ने सड़क को जाम करके हनुमान चालीसा का पाठ किया। यह पाठ घंटो चलता रहा। जिसके कारण दोनों तरफ से रोड जाम हो गया। भाजपा युवा मोर्चा ने जुमे की नमाज को लेकर हनुमान चालीसा का पाठ करके विरोध जाहिर किया। इसी विरोध के चलते रोड जाम होने से सड़क के दोनों तरफ हजारों की संख्या में लोग और वाहन फंसे रहे। जिस कारण से लोगों को खासी मसक्कत उठानी पड़ी।

Video: हनुमान चालीसा का पाठ करती बीजेपी युवा मोर्चा

भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष ओम प्रकाश ने बताया कि यह विरोध हर हफ्ते हो रही जुमे की नामाज को लेकर है। यहां जुमे की नमाज के वक्त चलती सड़क को रोककर नमाज पढ़ी जाती है। जिस कारण से आवागमन बाधित हो जाता है और यह क्रियाकलाप लंबे समय से चला आ रहा है। जो कि पूरी तरह से गलत है

भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष ओ.पी के अनुसार धर्म बेहद ही निजी मामला है। इसका उपयोग और प्रदर्शन निजी स्थलों या फिर सामुदायिक रूप से भी निजी तौर पर करना चाहिए। जबकि नमाज के वक्त यही पद्यति दूसरों को परेशान करने का कारण बनती है।

वर्तमान टीएमसी सरकार और ममता बनर्जी समुदाय विशेष की तुष्टिकरण का विरोध न करके, उन्हें बढ़ावा देती हैं। जिस कारण से आम जन को समस्या होती है। अब जब सरकार बीच सड़क में नमाज पढ़ने को जायज मानती है तो हम भी सार्वजनिक सड़क का उपयोग हनुमान चालीसा पढ़ने के लिए करेंगे। इस पर सरकार और प्रशासन को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। 

भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष ओ.पी

अब देखना यह है कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल में जो चाल चली है उसपर ममता क्या निर्णय लेती हैं। ममता सरकार पर पहले भी मुस्लिम तुष्टिकरण के आरोप लगते रहे हैं। अब अगर वह हनुमान चालीसा के सड़क में होने वाले पाठ को रोकती हैं और जुमे की नमाज सड़क पर जारी रखती हैं तो इस कदम से जनता में विरोध का संदेश जाएगा। जिसका खामियाजा ममता बनर्जी को आगामी विधानसभा चुनावों में भुगतना पड़ सकता है।