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Budget 2019: हलवा कार्यक्रम के साथ बजट छपाई की प्रक्रिया शुरू, क्यों निभाई जाती है ये परंपरा ?

5 जून को सदन में पेश किया जाएगा बजट 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

आम बजट 2019-20 के दस्तावेज की छपाई की प्रक्रिया आरंभ होने से पहले शनिवार को वित्त मंत्रालय में परंपरागत हलवा कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने हिस्सा लिया।

वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट के जरिए कहा, "नॉर्थ ब्लॉक में आयोजित कार्यक्रम में वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर और वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग, वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार, व्यय सचिव जी.सी. मुर्मू और राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय समेत वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।"

5 जून को पूर्ण बजट पेश करेगी मोदी सरकार

नरेंद्र मोदी सरकार के दोबारा सत्ता में आने के बाद सीतारमण पांच जुलाई को लोकसभा में पहली बार बजट पेश करेंगी। लोकसभा चुनाव के बाद नवगठित सरकार द्वारा पेश किया जाने वाला यह पहला पूर्ण बजट होगा।

बजट पेश होने के बाद दो सदनों की कार्यवाही एक दिन के लिए स्थगित रहेगी। गौरतलब है कि इस साल लोकसभा चुनाव के मद्देनजर चालू वित्त वर्ष के लिए फरवरी में तत्कालीन वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट पेश किया था।

क्यों अहम है हलवा कार्यक्रम ?

हर साल बजट को अंतिम रूप देने से कुछ दिन पहले वित्त मंत्रालय की तरफ से हलवा कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। मंत्रालय के नार्थ ब्लॉक में एक बड़ी कढ़ाई में हलवा बनाया जाता है। जिसके बाद इसके वितरण के लिए वित्त मंत्री की मौजूदगी जरूरी होती है। दरअसल भारतीय परंपरा के अनुसार किसी भी शुभ काम की शुरुआत मिठाई खिला कर की जाती है इसलिए बजट से पहले हलवा कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। वित्त मंत्री खुद प्रिंटिंग प्रेस में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों को हलवा बांटकर बजट पेपर की छपाई का काम शुरू कराते हैं।

वर्ष 1980 से ही नॉर्थ ब्लाक के बेसमेंट में बजट छपाई का काम किया जा रहा है। बजट छपाई के दौरान वहां की सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी होती है। वित्त मंत्रालय की तरफ से चुने गए करीब 100 लोग दिन-रात पेपर की छपाई में लगे होते हैं। और इस दौरान इन्हें घर जाने की इजाजत नहीं होती।

आपको दें कि, नरेंद्र मोदी सरकार के दोबारा सत्ता में आने के बाद नवगठित मंत्रिमंडल ने अपनी पहली बैठक में 17वीं लोकसभा का पहला सत्र 17 जून से आरंभ करने को मंजूरी प्रदान की। संसद के चालू सत्र का समापन 26 जुलाई को होगा।