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 राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का किया अपमान
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का किया अपमान|Social Media
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राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान मोबाइल पर क्या कर रहे थे राहुल गांधी, बीजेपी पूछ रही है सवाल

राहुल गांधी ने बीजेपी को दिया एक और मौका 

AKANKSHA MISHRA

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Summary

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी के इस रवैये को देखकर बीजेपी सांसद किरण खेर,बाबुल सुप्रियो और गिरिराज सिंह ने इसे गैरसंजीदा बताया है। उन्होंने कहा राहुल ऐसे ही मोबाइल देखते रहेंगे तो आने वाले चुनाव में कांग्रेस 0 पर सिमट जाएगी।

17वीं लोकसभा के पहले सत्र की शुरुआत हो चुकी है। आज सत्र के चौथे दिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संसद के दोनों सदनों को सयुंक्त रूप से संबोधित करने संसद पहुंचे थे। जहां उन्होंने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का एजेंडा प्रस्तुत किया। सदन में उपस्थित सभी सांसदों से राष्ट्रपति ने मिलजुल कर और देशहित में काम करने की अपील की। देश के विकास का रोड मैप पेश किया। जहां हर सांसद राष्ट्रपति के अभिभाषण को गंभीरता से सुन रहा था वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान फ़ोन चला रहे थे। राहुल गांधी के इस रवैये पर बीजेपी नेता इसे दुर्भाग्यपूर्ण बता रहे हैं।

बिहार के बेगूसराय से बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह और बंगाल से सांसद बाबूल सुप्रियो सहित सत्ता पक्ष के कई सांसदों ने राहुल गांधी की इस हरकत को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने कहा कि राहुल खुद को गंभीर नेता बताते हैं, अगर वो गंभीर होते तो जब सदन में राष्ट्रपति का अभिभाषण चल रहा होता तो वो ऐसी हरकत नहीं करते।

बीजेपी नेता बाबुल सुप्रियो ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि देश देख रहा है कि कौन कितना संजीदा है। राहुल का रवैया साबित करता है कि उनकी रूचि अभिभाषण में नहीं थी। राहुल देशहित के विषयों पर भी ध्यान नहीं देते।

वहीं केंद्रीय मंत्री आर के सिंह ने कहा राहुल गांधी का रवैया संसदीय मर्यादाओं के खिलाफ है। मैं कुछ बुरा नहीं कहना चाहता लेकिन राहुल ने राष्ट्रपति की बात को गंभीरता से नहीं लिया। यह संसदीय आचरण नहीं है।

भारतीय जनता पार्टी की सांसद किरण खेर कहती हैं कि "राहुल गैर-संजीदा नेता है। यही कारण है कि उनकी पार्टी का चुनाव में यह हाल हुआ। राहुल मोबाइल में मशगूल थे। जनता के हाथों मिली करारी हार को भूल गए। राहुल अगर सम्मान पाना चाहते हैं तो मार्यादित संस्थाओं पर बैठे लोगों का सम्मान करना सीखे।”