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मुलायम सिंह से मिलने पहुंचे योगी आदित्यनाथ
मुलायम सिंह से मिलने पहुंचे योगी आदित्यनाथ|Twitter
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मुलायम सिंह से मिलकर क्या बोले योगी, साथ में चाय-नास्ता करते भी नज़र आए 

योगी आदित्यनाथ का मुलायम प्रेम  

AKANKSHA MISHRA

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के संस्थापक श्री मुलायम सिंह यादव जी से आज उनके आवास पर भेंट करने पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने बिमार मुलायम सिंह यादव का कुशलक्षेम पूछा। इस मुलाकात के दौरान वहां समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के संस्थापक शिवपाल सिंह यादव भी उपस्थित थे।

मुलायम से मिलने क्यों गए योगी आदित्यनाथ

दरअसल बीते रविवार को अचानक मुलायम सिंह यादव की तबियत बिगड़ गई थी। जिसके बाद आनन-फानन में उन्हें राजधानी के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया। डॉक्टर के बताया मुलायन सिंह यादव की शुगर लेवल बढ़ गई थी। इसलिए उनकी तबियत बिगड़ी। मुलायम सिंह को हाई शुगर की समस्या है इसलिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि अब वे ठीक हैं।

मुलायम सिंह से मिलने के बाद योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया कि “प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के संस्थापक श्री मुलायम सिंह यादव जी से आज उनके आवास पर भेंट कर उनका कुशलक्षेम पूछा। ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि वे शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करें।”

योगी आदित्यनाथ

लोकसभा में हार के बाद मुलायम की कोशिश

उत्तर प्रदेश के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा था। यादव परिवार के 6 में से तीन सदस्य चुनाव हार गए थे। जिसमें सपा मुखिया अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव भी शामिल थीं। जिसके बाद खबर आ रही हैं कि मुलायम सिंह यादव भाई और बेटे की सुलह कराना चाहते हैं। मुलायम सिंह, भाई शिवपाल यादव और बेटे अखिलेश यादव की दूरियां कम करने की कोशिश कर रहे हैं।

समाजवादी पार्टी की हार का जिम्मेवार कौन ?

2017 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद शिवपाल यादव ने समाजवादी पार्टी का साथ छोड़ दिया था। विधानसभा चुनाव में सपा की करारी हार का कारण भी शिवपाल और सपा के बीच बढ़ती दूरियां थी। सपा से अलग होने के बाद शिवपाल ने अपनी अलग प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बनाई। मुलायम सिंह के अनुसार सपा के टूटने का कारण उनके चचेरे भाई और पार्टी महासचिव राम गोपाल यादव हैं।