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18 महीनों से नहीं मिला था वेतन, आत्महत्या करने पेड़ पर चढ़ गया युवक !

मजदूर के हक की लड़ाई 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

यह घटना ममता बनर्जी के गढ़ पश्चिम बंगाल के पुरुलिया की है। जहां एक अस्थाई मजदूर को अपने खून पसीने की कमाई पाने के लिए अपनी मौत का तमाशा बनाना पड़ा। करीब डेढ़ वर्ष से वेतन ना मिलने के कारण उसका परिवार भुखमरी से गुजर रहा था लेकिन प्रशासन को उसकी कोई चिंता नहीं थी। आखिर तंग आ कर उस मजदुर को वो करना पड़ा जिसे करने से पहले वो सौ बार मरा होगा।

18 महीने से नहीं मिला था वेतन

दरअसल पश्चिम बंगाल के पुरुलिया नगरपालिका में एक संविदा कर्मचारी सौ फीट ऊंचे पेड़ पर चढ़ गया और उसने वहां से कूदकर आत्महत्या करने की धमकी दी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मजदूर को 18 महीने से वेतन नहीं मिला था। वेतन ना मिलने के कारण उसका परिवार भुखमरी का सामना कर रहा था। पेड़ पर चढ़ने के बाद जब उसे वेतन भुगतान का आश्वासन दिया गया तो वह पेड़ से उतर गया।

यह घटना पुरुलिया शहर के नापित पाड़ा इलाके में रहने वाले मजदुर गजानन सूत्रधर की है। वह पुरुलिया नगरपालिका में अस्थाई श्रमिक के तौर पर करीब 3-4 सालों से काम काम कर रहा था। 

पुलिस ने समझा-बुझा कर मामला रफादफा किया

पुलिस ने कहा, "अनुबंध के आधार पर काम करने वाला गजानन सूत्रधार नगरपालिका परिसर में आम के पेड़ पर चढ़ गया और उसने वेतन की मांग की व आत्महत्या करने की धमकी दी।"

बहुत समझाने और कोशिशों के बाद पुलिस व अग्निशमन सेवा के कर्मी उसे पेड़ से नीचे उतार सके। उन्होंने उसकी मांग को पूरा करने का वादा करके उसे किसी तरह नीचे आने के लिए मना लिया।

पुलिस ने बताया की घटना के दौरान गजानन सूत्रधार नशे में था।

मजदूर की मांग

मजदूर का आरोप है कि, "मैं आत्महत्या करने के लिए पेड़ पर इसलिए चढ़ गया क्योंकि मेरे पास अपने परिवार को खिलाने के लिए कुछ नहीं है। मुझे पिछले 18 महीने से नगरपालिका से वेतन नहीं दिया जा रहा है।"

नगर पार्षद की सफाई

वेतन ना देने वाले नगर पार्षद विभास रंजन दास ने कहा कि सूत्रधार को चाहिए था कि वह नगरपालिका प्रशासन को उचित तरीके से अपनी बात बताए। उन्होंने कहा, "हम मामले को देखेंगे और सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे, ताकि सूत्रधार को उसका पिछला सारा वेतन मिल सके।"