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निपाह वायरस 
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‘निपाह’ वायरस की वापसी से केरल में डर का माहौल, पिछले साल हुई थी 22 लोगों की मौत 

पिछले साल हुई थी 22 लोगों की मौत। 

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केरल की स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलजा ने मंगलवार को पुष्टि करते हुए कहा कि "केरल में निपाह वायरस की वापसी हो चुकी है। कोच्चि के पास इलाज करा रहे एक युवक की निपाह वायरस (एनआईवी) की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस जांच की पुष्टि पुणे की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वीरोलॉजी ने की।”

स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलजा के बयान के बाद आस-पास के 86 लोगों की जाँच का सैंपल पुणे भेजा गया है। निपाल वायरस की वापसी की खबर के बाद पुरे राज्य में हाई-अलर्ट जारी किया गया है। लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। मंत्री ने ये भी कहा है कि इस आपातकाल से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

केंद्र सरकार ने बुलाई हाई-लेवल बैठक

नव-निर्वाचित केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने निपाह वायरस से निपटने के लिए आज सुबह एक हाई लेवल बैठक बुलाई थी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा "मैंने निपाह वायरस पर चर्चा के लिए आज स्वास्थ्य सचिव सहित सभी अधिकारियों के साथ अपने आवास पर एक बैठक बुलाई थी। कल ही हमने छह अधिकारियों की एक टीम को केरल भेजा था।

मैंने केरल के स्वास्थ्य मंत्री को केंद्रीय सरकार की तरफ से हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। हम वायरस के परीक्षण के लिए चमगादड़ों के विषय में उनकी मदद लेने के लिए वन्यजीव विभाग के संपर्क में हैं। मुझे नहीं लगता कि घबराने की कोई जरूरत है।

2018 में हुई थी 12 लोगों की मौत

निपाह वायरस की खबर से केरल में हड़कंप मच गया है। इस वायरस को इसलिए इतना खतरनाक माना जा रहा है क्योंकि पिछले साल मई में कोझिकोड और मलाप्पुरम जिलों में निपाह (एनआईवी) वायरस के 22 मामलों देखने को मिले थे। जिसमें इस वायरस के चपेट में आए 12 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद लोगों में इसका भारी डर बैठ गया है। प्रशासन इससे निपटने के लिए खूब मेहनत कर रही है। डॉक्टर की कई टीमों को तैनात किया गया है।

कैसे फैलता है निपाह वायरस

निपाह वायरस फ्रूट चमगादड़ों से होता है जिस पेड़ पर चमगादड़ रहते हैं वहां वह इस वायरस को फैला देते हैं उस पेड़ के फल खाने वाले को यह वायरस हो जाता है। यह एक लाइलाज बीमारी है जिससे मुक्ति मौत के साथ ही मिल पाती है अभी तक इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है।

निपाह वायरस के लक्षण

  • तेज बुखार, खांसी, सिरदर्द, सांस की तकलीफ, मस्तिष्क में सूजन शामिल हो सकती है।
  • इसके अलावा चक्कर आना, उल्टी, बेचैनी होगा आदि इस वायरस के लक्षण हैं।

निपाह वायरस से बचने के लिए बरतें ये सावधानियां

  • फल को खाने से पहले उसकी जांच कर लें।
  • पक्षियों द्वारा झूठा किया फल न खाएं।
  • वायरस से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें।
  • सफाई बरतें।
  • वायरस का संदेह होने पर भी डॉक्टर के पास जाएं।