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बाँदा की युवती सीता की ट्रेन में दम घुटने से मौत

बाँदा की युवती सीता की ट्रेन में दम घुटने से मौत

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

ट्रेनों के जनरल बोगियों में भीड़ के आलम का अंदाजा आप इस तरह से लगा सकते है कि 18 वर्ष की युवती ने भीड़ में दम घुटने से अपना जीवन खो दिया,बाँदा जिले के राम प्रकाश अहिरवार  का पूरा परिवार दिल्ली में दिहाड़ी मजदूरी करके जीवन यापन करता है, 31 मई की रात मानिकपुर से चलकर हजरत निजामुद्दीन तक जाने वाली उत्तर प्रदेश संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से शाम लगभग सात बजे बाँदा स्टेशन से निजामुद्दीन के लिए जनरल बोगी में चढ़ा, भारी भीड़ होने के कारण चढ़ना मुश्किल था, लेकिन जैसे तैसे वह अपने परिवार  जिसमे 18 साल की बेटी सीता, बेटा, पत्नी शामिल थे ,डिब्बे में चढ़ गया ,लेकिन ट्रेन के चलते ही सीता ने सांस लेने में समस्या बताई, प्रत्यक्षदर्शियों ने भीड़ का आलम यह बताया कि सभी लोग आपस मे सट का इस प्रकार खड़े थे कि सांस लेना मुश्किल था , बैठने का तो सवाल ही नही था,आखिरकर सीता की तबियत ज्यादा खराब होने लगी, लेकिन भीड़ की वजह से  राम प्रकाश सीता को क्रमशः महोबा, मऊरानीपुर ,इत्यादि स्टेशनों पर भीड़ के कारण उतार ही नही पाए जिस से उसको चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सके,झांसी पहुचने पर किसी तरह कुछ लोगो की मदद से सीता को स्टेशन पर उतारा गया और रेलकर्मियों की मदद से रेल विभाग के चिकित्सालय में संपर्क किया गया, आनन फानन में एम्बूलेंस आयी और अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी , अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया,  अब जीआरपी ओर रेलवे विभाग सीता की मौत का कारण पहले से बीमार होना बता रहे है , हालांकि असली बात पोस्टमार्टम के बाद ही आएगी,जहां भारत सरकार आमजन के लिए कल्याणकारी योजनाओं का डंका बजाती रहती है, वही बुंदेलखंड में ट्रेनों की यह भीड़ भाड़ वाली समस्या आम है, यहां, देश की राजधानी को जोड़ने वाली मात्र दो ट्रेन है महाकौशल एक्सप्रेस ओर उत्तर प्रदेश संपर्क क्रांति एक्सप्रेस , जिसमे महाकौशल एक्सप्रेस रात्रि के बारह बजे बाँदा पहुचती है , इसलिए सबसे ज्यादा भीड़ उप्र संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में होती है, यहाँ भीड़ के कारण लोगो की अपनी जान से भी हाँथ धो बैठना पड़ रहा है