उदय बुलेटिन
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ|Google
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लोकसभा रिजल्ट से कमलनाथ को खतरा, कांग्रेस के इस नेता ने बताई सच्चाई 

मध्य प्रदेश में खिलता रहेगा कमल। 

AKANKSHA MISHRA

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संसदीय चुनाव में अपनी करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी स्तब्ध है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी अपने पद से इस्तीफा देना चाहते हैं। पार्टी के कई नेताओं ने हार की जिम्मेवारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बीजेपी की इस जीत के बाद मध्य प्रदेश की सरकार खतरे में आ गई है।

कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में अपनी प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी की इस शानदार जीत के लिए वोटों के ध्रुवीकरण और 'छिपी हुई' मोदी लहर को जिम्मेदार ठहराया है । पार्टी यहां की 29 लोकसभा सीटों में से केवल 1 सीट जीत पाई, जबकि भाजपा ने 28 सीटों पर कब्जा जमाया है। कांग्रेस की जीती हुई इस एक सीट पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ ने कब्ज़ा जमाया है।

लोकसभा चुनाव में मिली इस करारी हार के बाद मध्यप्रदेश की सरकार पर संकट के बादल गहराने लगे हैं। कयास लगाए जा रहे थे कि बीजेपी अगर लोकसभा चुनाव जीत जाती है तो राज्य की कमलनाथ सरकार गिर जाएगी। बसपा की एक महिला विधायक रामबाई जिन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ को समर्थन दिया है उन्होंने यह दावा करते हुए कहा कि बीजेपी ने हमें 50 लाख का ऑफर दिया है। लेकिन हम मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ हैं।

वहीं इसपर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कहते हैं कि

“हम मध्य प्रदेश में कोई जोड़-तोड़ नहीं कर रहे। कमलनाथ की सरकार खुद ही अल्पमत में चल रही है। कभी भी गिर सकती है। हमने राज्यपाल से निवेदन किया है कि वो कमलनाथ को एक बार विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने का मौका दें।”

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मध्य प्रदेश में चल रहे इन्हीं कयासों के बीच राज्य के जनसंपर्क मंत्री पी. सी. शर्मा ने दावा करते हुए कहा है कि राज्य के 121 विधायकों का मुख्यमंत्री कमलनाथ को समर्थन हासिल है।

राज्य के जनसंपर्क मंत्री पी सी ने संवाददाताओं से कहा, "बीते दिनों मंत्रिमंडल और विधायकों की बैठक हो चुकी है। इन बैठकों में पहुंचे 121 विधायकों ने कमलनाथ को अपना समर्थन दिया है, लिहाजा सरकार को कोई खतरा नहीं है।"

लोकसभा चुनाव में मिली इस करारी हार पर बात करते हुए शर्मा ने कहा, "मतदाताओं ने नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट दिया है। राज्य में कमलनाथ को सभी का समर्थन हासिल है। इसलिए सरकार को कोई खतरा नहीं है।"

विधायकों की बैठक के बाद ये तो साफ़ हो गया कि फ़िलहाल मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार को कोई खतरा नहीं है। लेकिन प्रदेश अध्यक्ष में बदलाव की बात जरूर उठ रही है। कमलनाथ पहले ही प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की बात कह चुके हैं और अब राज्य का हर कार्यकर्ता भी यही मांग उठा रहा है। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में कुल 230 विधानसभा सीट हैं। जिसमें कांग्रेस के पास 114 विधायक हैं और बीजेपी के पास 109 विधायक। सरकार बनाने के लिए कांग्रेस को सपा, बसपा और निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है।