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Surendra singh Murder
Surendra singh Murder|Social Media
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अमेठी में राजनैतिक हत्या, अपराधियों की धर पकड़ शुरू

स्मृति ने खिलाई कसम बोलीं बादा करो कुछ गलत नहीं करोगे 

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

आज की राजनीति इतनी ज्यादा कलुषित हो चुकी है कि इसमें खोजने पर भी अच्छाई हाँथ नही आती, अचानक कोई ऐसा वाकया घटता है जिससे आपको यह आभास होता है कि मैं शायद गलत हूँ, राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं में अभी भी संवेदना बाकी है।

घटना अमेठी जैसे विशेष सीट की है जहां से भाजपा की महिला नेता स्मृति ईरानी  ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को उनकी पारंपरिक सीट से बेदखल किया है , राजनीति में अपने-अपने पैंतरे खेले गए, राहुल गांधी इस मुगालते में रहे कि अमेठी उनका गढ़ है वहां से उन्हें हराया नही जा सकता या फिर दूसरी सोच यह हो सकती है कि अमेठी को उन्होंने पहले ही हारा हुआ मान लिए था जिस कारण उन्होंने वायनाड का चुनाव लड़ा,

खैर राहुल गांधी अमेठी से लगभग 55 हजार वोटो से हार गए , स्मृति ईरानी ने अपनी मेहनत के बल पर राहुल गांधी से उनके कदमो से कब्जाई जमीन खींच ली , इस चुनाव प्रचार में स्मृति ईरानी के  जमीन से जुड़े  नेता पूर्व बरौली ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिंह की देर रात घर में गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी।

Surendra Singh
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गौरतलब हो चुनाव प्रचार के समय स्मृति ईरानी के करीबी कार्यकर्ता रहे तथा भाजपा के लिए जमकर प्रचार किया, चुनाव जीतने के बाद पूर्व प्रधान ने विजय का जश्न भी मनाया था , जैसे ही यह खबर पूर्व कपड़ा मंत्री और वर्तमान सांसद स्मृति ईरानी को मिली वह तुरंत अमेठी के लिए रवाना हो गयी

मृतक के घर आक्रोशित लोगों का जमघट लगा हुआ था , स्मृति को देखते ही परिजन रोने लगे ,उन्होंने  इस हत्याकांड के लिए विपक्षी दल को जिम्मेदार ठहराया , स्मृति ईरानी ने कड़े शब्दों में यह कहा कि अपराधियों को फांसी  के फंदे तक ले जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाऊंगी, मृतक के पुत्र को स्मृति ने गले लगाकर ढाढस बंधाया तथा , अर्थी को अपने कंधे पर उठाकर श्मशान तक गयी , इसी यात्रा में मध्य वैदिक रीति के अनुसार करीब 10 जगह अर्थी को रखकर पिंड दान भी किया गया , बार बार स्मृति ईरानी ने ही अर्थी को रखा और अपने कंधे पर ही अर्थी को उठाया , भाजपा के बड़े नेता उन्हें अर्थी का कंधा

छोड़ने की बात करते रहे लेकिन स्मृति  बिना कुछ बोले  अर्थी को लेकर गंतव्य तक पहुची , अंतिम संस्कार के बाद स्मृति ईरानी ने मृतक के घर पहुच कर मृतक की माँ की गोद मे सर रखकर यह विश्वास दिलाया कि आज से मैं ही आपका बेटा हूँ , आपने सिर्फ अपना पुत्र ही नही बल्कि मैने अपना भाई भी खोया  है , आज से आपकी सारी जिम्मेदारी मेरी होगी,

उन्होंने मृतक के बेटे को अपने सर पर हाँथ रखकर कसम दिलाई की वादा करो इस घटना के बाद कुछ भी गलत नही करोगे, ओर साथ ही यह विश्वास दिलाया कि अपराधी भले ही पाताल में छुपे हैं कानून उन्हें खोज लेगा और भीषण कठोर कानूनी दंड दिलाया जाएगा,

स्मृति ईरानी के कार्यकर्ता के प्रति निष्ठा और समर्पण को देख कर केवल क्षेत्र ही नही समूचा उत्तर प्रदेश अभिभूत है ।

साथ ही समाज मे बेटियों ओर महिलाओ द्वारा अर्थी ना उठाने की रूढ़िवादी सोच को भी नकार दिया है यह  समाज के लिए बेहतरीन उदाहरण है साथ मे उत्तर प्रदेश पुलिस बड़े जोश खरोश के साथ अपराधियों की धरपकड़ में जुटी है ,निशानदेही के आधार पर कुछ संदिग्धों को गिरिफ्तार भी किया है , और अभी भी  पुलिस खोज खबर में लगी है