उदय बुलेटिन
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पायल तड़वी आत्महत्या 
पायल तड़वी आत्महत्या |Google
देश

आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है ये, जातिवाद ने ले ली एक प्रतिभाशाली डॉक्टर की जान

मुंबई के BYL अस्पताल में जातिगत तानों के कारण एक मेडिकल छात्रा पायल तंडवी ने आत्महत्या कर ली। 

Puja Kumari

Puja Kumari

जिस तरह से किसी भी सिक्के के दो पहलू होते हैं ठीक उसी तरह से हमारे समाज में रह रहे लोगों को भी दो पहलूओं के जरिए देखा जा सकता है। जिसमें से एक पहलू बुरा होता है जो कि हमेशा ही गलत व बुरा ही सोच रखता है तो वही दूसरा पढ़ा-लिखा व समझदार होने के बाद भी बुरा सोचता है व गलत काम को अंजाम देता है। जिसका नतीजा ये होता है कि कई बार इनकी ऐसी हरकतों के कारण प्रतिभाशाली व होनहार लोग अपने जीवन से हांथ धो बैठते हैं। इसी बुराई का शिकार बनी एक लड़की जो डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी।

पायल तड़वी आत्महत्या 
पायल तड़वी आत्महत्या 
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हाल ही में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे सुनने के बाद उन पढ़े-लिखे लोगों की सोच से घृणा हो रही हैं जिनकी वजह से इस होनहार लड़की ने अपनी जिंदगी गंवा दी। दरअसल हम जिस घटना की बात कर रहे हैं वो एक 26 साल की लड़की पायल तड़वी (Payal Tadvi) के सुसाइड की कहानी है जो डॉक्टर बनने का सपना लेकर मुंबई आई थी। वो अपने सपने को साकार करने के लिए भरसक प्रयास भी कर रही थी लेकिन वो कहते हैं न कि जीवन में सफलता की सीढ़ियों पर चढ़ना इतना भी आसान नहीं होता क्योंकि हमारे समाज में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो आपको आगे बढ़ता नहीं देख सकते।

गायनेकलॉजिस्ट, पायल मुंबई के BYL नायर अस्पताल (BYL Nayr Hospital) में MD की डिग्री लेने आई थीं, पायल अभी 2nd year की स्टूडेंट थी। पायल को खुद भी पता नहीं था कि उनके साथ कुछ ऐसा होगा जिसकी वजह से उन्हें अपने सपने को अधूरा छोड़ इस दुनिया को अलविदा कहना पड़ जाएगा। पायल शादीशुदा थीं और उनके पति भी डॉक्टर हैं।

इस घटना के बाद जब इसकी जांच की गई तो वहां के MARD ने बताया कि पायल ने 22 मई को 3 ऑपरेशन किए जिस दौरान वो बिल्कुल नॉर्मल थीं। इस ऑपरेशन के खत्म होने के बाद वो अपने कमरे में गई और अपने स्कार्फ से ही फांसी का फंदा लगा लिया। पर उनके परिवार वालों का कहना कुछ अलग ही था, दरअसल पायल के परिजन का कहना है कि उनकी बेटी को काफी समय से प्रताड़ित किया जा रहा था।

पायल के माता-पिता ने BYL नायर अस्पताल के 3 सीनियर डॉक्टर्स के खिलाफ आरोप लगाया है कि वो लगातार ही पायल को टॉर्चर कर रहे थें, क्योंकि पायल आदिवासी समुदाय से संबंध रखती थीं जिसके तहत उन्होनें इस अस्पताल में आरक्षण पर एडमिशन लिया था। इसी वजह से उसके सीनियर डॉक्टर्स आए दिन उनको खूब परेशान करते थें, छेड़ते थें व बात-बात पर मानसिक रूप से प्रताडि़त भी करते थें। वो तीनों डॉक्टर अस्पताल में रेसीडेंट डॉक्टर के पद पर थें।

 पायल तड़वी आत्महत्या 
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इतना ही नहीं पायल के माता-पिता ने तो ये भी कहा है कि पायल का शोषण काफी लंबे समय से किया जा रहा था, और इसके सुबूत के तौर पर उन्होने पुलिस को कुछ वाट्सऐप मैसेजेज, व वीडियो क्लिप दिए हैं जिसमें साफ दिख रहा है कि वो तीनों डॉक्टर पायल पर अभद्र टिप्पणियां कर रहे थें। जरा सोचिए पायल के लिए ये दर्द असहनीय हो गया होगा तभी उसने इतना बड़ा कदम उठाया।

वैसे ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब इतना टॉर्चर किसी स्टूडेंट को झेलना पड़ा है बल्कि इससे पहले भी कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें अनुसूचित जनजाति, आदिवासी या फिर अन्य कई तरह के आरक्षण से संबंधित दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा है। यही वजह है कि दोषियों को सज़ा दिलाने की माँग करने के साथ जातिगत भेदभाव के तमाम मामलों में न्याय दिलाने के लिए पूरे देश के स्तर पर सुधार करने की ज़रूरत है। रोहित वेमुला के मामले में भी अभी तक दोषियों को सज़ा नहीं मिल पाई है।

देश में आरक्षण का कानून किसी का मजाक बनाने के लिए कतई नहीं बनाया गया है पर अब इन पढ़े लिखे लोगों के द्वारा जो गंध फैलाया जा रहा है इससे तो यही मालूम होता है कि इतनी बड़ी डिग्रीयां हासिल करने से कुछ नहीं होता बल्कि अपनी गंदी सोच को बदलने की आवश्यकता है जिससे समाज में हर व्यक्ति को जीने का बराबर अधिकार मिल सके।

वहीं दूसरी ओर अब सोशल मीडिया पर भी पायल को न्याय दिलाने के लिए गुहार लग रही है