उदय बुलेटिन
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कांग्रेस बचाओ, राहुल हटाओ
कांग्रेस बचाओ, राहुल हटाओ|Twitter
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CWC की बैठक के दौरान ट्विटर पर क्यों ट्रेंड करने लगा “कांग्रेस बचाओ, राहुल हटाओ”

ट्रोल होना तो कोई राहुल से सीखे 

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लोकसभा चुनाव के नतीजे दो दिन पहले यानी 23 मई को आ गए थे। इस चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन समूचे देश भर में निराशाजनक रहा। लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद आज कांग्रेस कार्यकारी समिति की बैठक बुलाई गई। जहां कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के कारणों पर मंत्रणा की जा रही थी। तभी सूत्रों के हवाले से एक खबर आई कि राहुल गाँधी ने कार्यकारी समिति को अपने इस्तीफे की पेशकश की है। जिसे समिति ने ये बोल कर खारिज कर दिया कि "आप नहीं तो कौन ?"

फिर थोड़ी देर बाद एक और खबर आई। इस खबर को देने वाले थे कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला । उन्होंने खबर दी कि “राहुल गांधी ने पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा नहीं दिया है। मीडिया में जो खबर फ़ैल रही है वो गलत है। "

अब सही-गलत की बातें सोशल मीडिया यूजर को कहां रोक पाती हैं। यहां तो लोग अपनी ही धुन में चलते हैं। जो पसंद आता है वो पोस्ट करते हैं। राहुल गांधी के इस्तीफे की खबर आते ही सोशल मीडिया पर "कांग्रेस बचाओ, राहुल हटाओ" ट्रेंड करने लगा। लोग मांग करने लगे कि अगर कांग्रेस को जीवित रखना है तो राहुल गांधी को अध्यक्ष पद से हटाना होगा और लोग अलग-अलग तरह के जोक पोस्ट करने लगे। इसमें से ही कुछ जोक हम यहां आपके लिए लेकर आए हैं।

सबसे पहले कुछ ट्विटर पोस्ट

आज CWC की बैठक ।

राहुल गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की, CWC ने खारिज कर दिया। ये लोग नहीं बदलेंगे

राहुल गांधी चुनाव के नतीजे कैसे देखते हैं।

जा बेटा ! नानी घर हो कर आ छुट्टियां हो गई तेरी।

राहुल गांधी को झटके से उबरने में कितना समय लगेगा।

चरण 1: कांग्रेस हारी ।

चरण 2: राहुल बाबा ने इस्तीफे की पेशकश की।

चरण 3: कांग्रेस कार्य समिति ने उनके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।

गांधी परिवार को सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देना चाहिए और गैर-गांधी को नया अध्यक्ष बनाना चाहिए। मोदी पर व्यक्तिगत हमला इस "न्याय" के लिए कांग्रेस का कारण है।

नया ब्रांड हारले-जी

सोशल मीडिया में ट्रेंड कर रहे इन मीम को देखने के बाद शायद कांग्रेस कार्यकारी समिति, पार्टी की करारी हार के कारणों को समझ पाए। वैसे हमारी नज़र में जब हार जनता ने दिलाई है तो कारणों की चर्चा बंद कमरे में नहीं की जा सकती। जनता के पास जाना होता है। उनके मूड को समझना होता है। खैर अब कांग्रेस पिछड़ चुकी है, बस फ्लैश बैक में ना जा पाए।