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अयोध्या के सीताराम मंदिर
अयोध्या के सीताराम मंदिर|Google 
देश

अयोध्या के सीताराम मंदिर में तीसरी बार मनाई गई इफ्तार पार्टी, यहां मंदिर के पुजारी भी रखते हैं रोजा 

धार्मिक सौहार्द की मिसाल।

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

जब देश में हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच हमारे राजनेताओं द्वारा तनाव बढ़ाने की कोशिश जारी हो ऐसे समय में हिन्दू-मुस्लिम एकता की एक छोटी सी घटना भी दिल को सुकून दे जाती है और मन यह सोचने लगता है कि काश हमारे देश के लोग धार्मिक कट्टरता को छोड़ कर एक बार फिर प्यार और भाईचारे के साथ भारत को विश्व गुरु बना दें। भारत की आजादी से पूर्व अंग्रेजों ने फूट डालो और राज करो की नीति के तहत हिन्दुओं और मुसलमानों को आपस में लड़वाया था और आज हमारे राजनेता भी वहीं काम कर रहे हैं।

खैर, आज हम आपको अयोध्या के एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी मिशाल ना सिर्फ स्थानीय लोग देते हैं बल्कि पूरा देश इस मंदिर की चर्चा कर रहा है। रमजान के पावन महीने में अयोध्या के सीताराम मंदिर में इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया । इस मंदिर के पुजारी भी अल्लाह की इबादत करते हैं। रमजान के पाक महीने में साम्प्रदायिक सौहार्द की मिशाल कायम करते हुए इस मंदिर ने इफ्तार पार्टी का आयोजन किया।

अयोध्या के सीताराम मंदिर
अयोध्या के सीताराम मंदिर
Twitter ANI

सीताराम मंदिर के पुजारी युगल किशोर के अनुसार उन्होंने इस साल तीसरी बार इफ्तार पार्टी का आयोजन किया है। उनकी ईक्षा है कि वो भविष्य में भी इसी तरह रमजान और इफ्तार पार्टी का आयोजन करें। युगल किशोर कहते हैं कि रमजान के पावन महीने में मैं रोजा रखता हूँ। मेरा मनना है कि हमें सारे त्यौहार मिलजुल कर मनाने चाहिए।

वहीं उनकी इफ्तार पार्टी में शामिल हुए मुस्लिम भाई मुजम्मिल फिजा कहते हैं कि हमारे लिए सभी धर्म समान है। मैं हर साल नवरात्री का आयोजन करता हूँ। अपने हिन्दू भाईयों की भावनाओं का ख्याल रखना मेरा घर्म है।

मुजम्मिल कहते हैं "सभी धर्म में कुछ एजेंडा वाले लोग होते हैं जो अपने लाभ के लिए नहीं चाहते कि हिन्दू और मुस्लिम कभी भाईचारे के साथ रहे। इस तरह का आयोजन करें। आज देश में धर्म की राजनीति होती है। आज धर्म इंसान से ज्यादा बड़ा हो गया है। किशोर जैसे लोग जो प्रेम सन्देश देते हैं उनकी पूछ नहीं होती। "