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ऑनलाइन हिंसा के खिलाफ फेसबुक के साथ एकजुट हुई ये दिग्गज कंपिनयां 

ऑनलाइन हिंसा के खिलाफ देर से ही सही लेकिन खुल गई फेसबुक की नींद 

Puja Kumari

Puja Kumari

कोलकाता की सड़कों पर हुयी हिंसा के बाद अब बारी आती है सोशल मीडिया वाली हिंसा की। जिसकी चर्चा भी आजकल जोरों-शोरों से हो रही है। ऑनलाइन फैल रही हिंसा व आतंकवाद को देखते हुए फेसबुक (Facebook) के साथ-साथ कई अन्य दिग्गज कंपनियां अब एकजुट हो गई हैं जिसमें माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, ट्विटर, यूट्युब, अमेजन आदि शामिल है।

आतंकवाद व हिंसा (Terrorism And violence) के खिलाफ न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च (Christchurch new zealand) ने अभियान चलाया जिसका साथ अन्य सभी ऑनलाइन कंपनियाँ देने को तैयार हो गईं। भारत में करीब 30 करोड़ से भी ज्यादा ऐसे लोग हैं जो फेसबुक का प्रयोग करते हैं। ये खबर विशेषकर उन लोगों के लिए ही है जो इस ऐप के जरिए लाइव आने का शौक रखते हैं।

देर से जागा फेसबुक

फेसबुक यूजर को ये तो पता ही होगा कि इस ऐप में लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग (live video striming) फीचर दिया गया है जिसे हर कोई धड़ल्ले से प्रयोग करता है। आज से करीब 2 माह पहले भी न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च (Christchurch new zealand) में हुए हमले का आतंकवादियों ने फेसबुक पर लाइव प्रसारण किया था जिसे करोड़ो लोगों ने ऑनलाइन देखा था। ऐसा करने के पीछे इन आतंकवादियों (Terrorist) का मकसद दहशत फैलाना था जिससे दुनियाभर के लोग चिंतित हो गए थें लेकिन अब इस घटना के इतने समय बाद ही सही लेकिन फेसबुक ने कड़ा रुख अपनाया और हिंसक वीडियो की लाइव स्ट्रीमिंग के खिलाफ नए दिशा निर्देश जारी किए।

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इन नए नियमों के लाने का तात्पर्य यही है कि देश में फैल रही ऑनलाइन हिंसा काफी हद तक समाप्त हो जाए और जो भी आतंकवादी संगठन हैं उनके गिरफ्त से मासूम दूर रह सकें। लोग इस दुनिया में दहशत में न रहें बल्कि खुली हवा में चैन की सांस ले सकें। इन कड़े नियमों के लागू हो जाने के बाद इनका उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जानें क्या हैं फेसबुक के नए दिशा निर्देश

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सबसे पहले तो आपको बताते चलें कि फेसबुक ने “वन स्ट्राइक” (one strike) पॉलिसी बनाई है जिसके जरिए अगर कोई यूजर अपने फेसबुक वॉल (Facebook Wall) पर किसी भी तरह का हिंसक वीडियो लाइव चलाता है तो उसी समय तुरंत उसके अकाउंट पर ये फीचर बैन कर दिया जाएगा और इसके अलावा वो दुबारा प्रयास करता है तो उसका अकाउंट भी ब्लॉक किया जा सकता है। इतना ही नहीं अगर कोई यूजर किसी आतंकवादी संगठन के मैसेज व लिंक को शेयर करता है तो ऐसे में भी उसका अकाउंट बंद किया जा सकता है। इसके लिए फेसबुक Artificial Inteligence की भी मदद ले रहा है।