उदय बुलेटिन
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राजीव गांधी बनाम नरेंद्र मोदी 
राजीव गांधी बनाम नरेंद्र मोदी |Google
देश

35 साल बाद फिर क्यों चुनावी मुद्दा बन रहा है 1984 का सिख विरोधी दंगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 1984 में हुए सिख विरोधी दंगा को लेकर राहुल गाँधी के राजनीतिक गुरु पर निशाना साधा है। 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों अपने भाषणों में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का हमेसा जिक्र किया करते हैं। कभी राजीव गांधी को सबसे बड़ा भ्रष्टाचारी बता कर या फिर कभी सबसे बड़ा दंगाई बता कर, पीएम मोदी के भाषणों में शुरुआत से अंत तक गांधी परिवार और कांग्रेस का ही जिक्र होता है और मुद्दे तो हमेसा गायब ही होते हैं। कभी-कभी ऐसा लगता है जैसे 2019 का यह लोकसभा चुनाव राजीव गांधी बनाम नरेंद्र मोदी लड़ा जा रहा हो। पीएम नरेंद्र मोदी आज हरियाणा में चुनावी रैली को संबोधित करने पहुंचे थे तो वहां भी उनके निशाने राजीव गांधी ही थे। प्रधानमंत्री ने कहा कांग्रेस के नेता कहते हैं "जब एक बड़ा पेड़ गिरता है तो जमीन हिलती ही है।" यह बयान राजीव गांधी का है। उस समय राजीव गांधी के इस बयान को 1984 में हुए सिख दंगों से जोड़ कर देखा जाता है। इस दंगे में सरकारी आंकड़ो के मुताबिक करीब 3 हज़ार लोगों की मौत हुई थी।

इस दंगे का परिणाम यह हुआ कि कांग्रेस 1989 का लोकसभा चुनाव बूरी तरह हार गई। लेकिन ये सारी बातें काफी पहले से ही सार्वजनिक मंच पर मौजूद हैं। फिर प्रधानमंत्री बार-बार एक ही बात क्यों बता रहे हैं ? पिछले पांच सालों में बीजेपी ने काफी छोटे-बड़े काम किए हैं। जिससे लोगों के जीवन स्तर में सुधार आया है। मोदी सरकार द्वारा चलाई गई उज्वला योजना हो या आयुष्मान भारत योजना, इस योजनाओं से लोगों का जीवन स्तर सुधार रहा है। फिर प्रधानमंत्री अपनी योजनाओं का बखान करने से क्यों परहेज कर रहे हैं ?

प्रियंका गांधी वाड्रा ट्विटर 
प्रियंका गांधी वाड्रा ट्विटर 
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कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शब्दों को तोड़-मरोड़ कर झूठ भी इस तरह बोल जाते हैं कि वह सच से ज्यादा वास्तवित लगने लगता है। ऐसा ही हुआ जब प्रधानमंत्री ने दिल्ली के राम लीला मैदान में कहा कि राजीव गांधी ने INS विराट को अपनी पर्सनल टैक्सी बना ली थी। इस बात को लेकर भी काफी विवाद हुआ। लेकिन उस समय के आईएनएस विराट के कमांडर रहे वाइस एडमिरल विनोद परीक्षा से इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने इसे नकार दिया। उन्होंने कहा राजीव गांधी पर लगाया गया है आरोप गलत है।

बीजेपी गांधी परिवार और भी पर्सनल अटैक करना चाहती है। इसलिए दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में होने वाले लोकसभा चुनाव से ठीक दो दिन पहले बीजेपी ने अपने ऑफिसियल ट्विटर हैंडल पर राजीव गांधी के भाषण का एक वीडियो शेयर किया है। यह भाषण उस समय का हैं जब 1984 के सिख दंगों के बाद राजीव गांधी पंजाब पहुंचे थे।

इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा गया है "1984... भूलना नामुमकिन है। न दिल्ली भूल पाएगी न ही देश। न उस खौफनाक मंजर के जख्म भर पाएंगे न ही वो चीखें कान के पर्दों पर खटखटाना बंद करेंगी। गांधी परिवार के लिए बस एक बड़ा पेड़ गिरा था...जमीन हिली थी। यह विडियो देखकर आपकी रूह हिल जाएगी...अब आपको फैसला करना है। “

कांग्रेस के लिए राजीव गांधी का यह वीडियो एक बड़े सिरदर्द से कम नहीं है। इस वीडियो के शेयर किए जाने के बाद किसी भी कांग्रेस प्रवक्ता की हिम्मत नहीं हुई की कुछ बोल सके। इसका मतलब साफ हैं कि, बीजेपी ने ठान लिया है अगर इस बार भी जीतना हैं और कांग्रेस को हराना है तो इतिहास को दोहराना होगा। 30 साल पहले इस भाषण की वजह से कांग्रेस हारी थी और इस बार भी शायद की कोई करिश्मा उन्हें हारने से बचा सके।