उदय बुलेटिन
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फानी: ऐसे किया जाता है तूफानों का नामकरण, बड़ी दिलचस्प है इसकी कहानी  

साल 1953 से शुरू हुआ था तूफानों के नाम रखने का सिलसिला 

Puja Kumari

Puja Kumari

पिछले कुछ दिनों से देश भर में फानी की चर्चा हो रही है, इस तूफान ने हर किसी को हिलाकर रख दिया है। हालांकि इसकी जानकारी मौसम विभाग ने पहले से ही दे दी थी लेकिन आज जब यह तूफान ओडिशा के तट पर करीब 200 किलोमीटर से की रफ्तार से टकराया तो दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों के रौंगटे खड़े हो गए। बताया जा रहा है कि करीब 20 साल बाद ओडिशा वासियों को ऐसे महातूफान का सामना करना पड़ रहा है।

ऐसे में पुरी के इलाकों में नौसेना और कोस्ट गार्ड को अलर्ट पर रखा गया है। इस तूफान का कहर इतना ज्यादा है कि ओडिशा के साथ-साथ आंध्र, पश्चिम बंगाल और झारखंड में भी अर्लट जारी किया गया है। आज हम आपको इन तूफानों के नामकरण से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें बताने जा रहे हैं, जो शायद आपको पता नहीं होंगी....

कैसे होता है तूफान का नामकरण

आपके दिमाग में यह बात जरूर आती होगी कि आखिर इन तूफानों का नामकरण कौन करता होगा? या इनका नाम महिला या पुरूष के नाम पर ही रखा जाता है ? तो सबसे पहले ये बता दें कि तूफानों के नामकरण करने का काम वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल संगठन करता है। इनका कहना है कि तूफानों का नामकरण उसी आधार पर होता है जिस इलाके में तूफान आता है, वहां की क्षेत्रीय एजेंसिया ही उसका नामकरण करती हैं।

इसके अलावा किसी भी साल के शुरुआत में आने वाले पहले तूफान को ‘ए’ और फिर अगले तूफान को ‘बी’ नाम से ही रखा जाता है तथा ईवन नंबर वाले वर्षों जैसे 2016 को पुरुषों के नाम पर व ऑड वर्षों जैसे 2017 को महिलाओं के नाम पर रखा जाता है। ध्यान रहे कि ए से डब्लू अक्षर तक के नाम महिलाओं के आधार पर रखा जाता है। ये भी बता दें कि ऑफिसियली रूप से तूफानों के नामकरण की परंपरा सन 1953 से शुरू हुई।

हालांकि ये बात भी सच है कि हर तूफान का नामकरण नहीं किया जाता है, लेकिन जब किसी तूफान की स्पीड 118 किमी प्रति घंटा होती है तो उसे मौसम विभाग के अनुसार गंभीर तूफान माना जाता है और ऐसे तूफानों का नामकरण भी किया जाता है। जानकारी के लिए ये भी बता दें कि अगर किसी तूफान की स्पीड 200 किमी प्रति घंटे से ज्यादा होती है तो उसे सुपर साइक्लोन की श्रेणी में रखा जाता है।

जानें कैसे पड़ा 'फानी' नाम

अब बात करते हैं फानी तूफान की तो इसका जन्म हिंद महासागर के उत्तरी इलाके में हुआ है, तो जैसा कि हमने उपर बताया कि इसके नामकरण की जिम्मेदारी उस क्षेत्र में आने वाले देशों की होती है। इसलिए इस तूफान का नामकरण बांग्लादेश ने किया है "फानी" जिसका अर्थ होता है ‘सांप’ ।

वीडियो में देखें फानी का प्रकोप