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फेनी चक्रवात
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फेनी चक्रवात से बचने के लिए कैसी है भारत की तैयारी, 1999 के बाद बना सबसे बड़ा खतरा 

चक्रवाती तूफान फेनी से बचाव के लिए ओडिसा के तटीय क्षेत्रों पर रहने वाले लगभग आठ लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाएगा। 

AKANKSHA MISHRA

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चक्रवाती तूफान फेनी के ओडिशा तट पर दस्तक देने के बाद से ही रक्षा बालों को हाई अलर्ट पर रख दिया गया है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य व्यापक स्तर पर किया जा रहा है। यहां तक कि राज्यों के मुख्यमंत्री सहित प्रधानमंत्री भी हाई-लेवल मीटिंग अटेंड कर रहे हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि “तूफान के नाम पर परेशान ना हो, शांति बनाए रखे। सरकार सुरक्षा के उचित इंतजामात करने में तत्पर्य है।”

सरकार ने लोगों की सुरक्षा का आश्वासन देते हुए कहा है कि "प्रत्येक व्यक्ति की जान कीमती है और सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।"

मौसम विभाग के अनुसार फेनी चक्रवात का असर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तमिलनाडु और पांडुचेरी में रहेगा। वहीं इन राज्यों के किसानों को चेतावनी दी गई है। जिसमें कहा गया है कि प्रदेश में 2 मई की देर शाम से तेज हवा और बारिश हो सकती है। लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।

पीएम मोदी की हाई लेवल मीटिंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवाती तूफान फेनी से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को सुरक्षात्मक उपाय करने और प्रभावी राहत व बचाव कार्य करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने बैठक में केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित राज्यों के अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए रखने निर्देश दिया। बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री को चक्रवाती तूफान की संभावित दिशा और इसके कहर से बचाव के लिए की जा रही तैयारी की जानकारी दी गई।

सरकार की तैयारी

तूफान चक्रवात फेनी से निपटने के लिए सरकार ने सुरक्षा के कड़े आदेश दिए हैं। सरकार ने सुरक्षा के मद्देनजर रक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है -

  • प्रभावित इलाकों के शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने के आदेश दिये गए हैं।
  • तटीय जिलों में रह रहे हजारों लोगों को सुरक्षित इलाके में पहुंचाया गया है।
  • लोगों को निशुल्क भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रबंध शुरू हो गया है।
  • वायु मार्ग से तूफान से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में पहुंचाने के लिए ड्राई फूड के एक लाख पैकेट तैयार रखे हैं।
  • राज्य में लगभग 879 बहुद्देशीय चक्रवात राहत शिविर तैयार रखे गए हैं।
  • पूर्वी तटीय रेलवे ने पर्यटकों के लिए गुरुवार को पुरी से पश्चिम बंगाल के हावड़ा जाने के लिए तीन विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है।
  • विशेष रूप से, रेलवे ने चक्रवात फेनी को देखते हुए 103 ट्रेनें रद्द कर दी हैं।
  • पेयजल प्रदान करने की व्यवस्था और बिजली व दूरसंचार सेवाओं की वैकल्पिक व्यवस्था शामिल है।

मौसम विभाग का हाई अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि तूफान फेनी 'अत्यधिक गंभीर चक्रवाती' तूफान बन चुका है जो फिलहाल विशाखापत्तनम के दक्षिण - दक्षिणपूर्व में लगभग 225 किलोमीटर दूर तथा पुरी से दक्षिण- दक्षिणपश्चिम में 430 किलोमीटर दूर है।

1999 के बाद सबसे बड़ा खतरा बना 'फेनी'

1999 के सुपर साइक्लोन के बाद फेनी सबसे खतरनाक चक्रवात माना जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फेनी चक्रवात तीन मई की दोपहर के बाद जगन्नाथ पुरी से गुजरने वाला है। इस दौरान हवा की रफ्तार 175 किलोमीटर प्रतिघंटे के आसपास रहने की उम्मीद है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर पुरी से करीब 660 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में केंद्रित तूफान ओडिशा तट की तरफ अभी 14 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।