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 कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर शिवसेना में शामिल हो गईं हैं। 
कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर शिवसेना में शामिल हो गईं हैं। |Uday Bulletin
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कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर शिवसेना में शामिल हो गईं हैं।

कांग्रेस छोड़ते ही प्रियंका चतुर्वेदी को आया बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिव सेना से ऑफर

AKANKSHA MISHRA

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कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने आज पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता से मथुरा में पार्टी के कुछ सदस्यों ने दुर्व्यवहार किया था, जिसकी पार्टी द्वारा अनदेखी करने पर उन्होंने कांग्रेस छोड़ने का फैसला लिया। पार्टी छोड़ते हुए उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को दिए इस्तीफे में कहा कि “पार्टी में गुंडों की ज्यादा एहमियत है, पार्टी ने मेरा सम्मान नहीं किया। मैंने पार्टी को अपनी पीड़ा बताई थी। लेकिन इसपर कोई कार्यवाई नहीं हुई। इसलिए मैंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया। "

इस्तीफा देते हुए प्रियंका ने कहा

कांग्रेस छोड़ते हुए उन्होंने राहुल गांधी के नाम एक खत लिखा। जिसे उन्होंने शुक्रवार को सार्वजनिक किया। इसमें उन्होंने लिखा था कि -

“ मैं अपना इस्तीफा भारी मन से लिख रही हूं। 10 साल पहले मैंने मुंबई में यूथ कांग्रेस के सदस्य के तौर पर पार्टी जॉइन की थी। मैं आपकी विचारधारा और विचारों से प्रभावित थी। इन 10 सालों में पार्टी ने राजनीति को सीखने और समझने के मुझे कई मौके उपलब्ध कराए। मैंने भी अपनी ओर से पार्टी की सारी जिम्मेदारी निभाने का 100 फीसदी प्रयास किया। लेकिन पिछले कुछ सप्ताह के दौरान मुझे यह अहसास दिलाया गया है कि पार्टी की नजर में उनके कार्यो का कोई मुल्य नहीं था।”

“मैं राह के अंतिम पड़ाव में पहुंच गई हूं। इसके साथ ही मुझे यह महसूस हो रहा है कि अब मैं पार्टी में रहती हूं तो मुझे इसके लिए अपने स्वाभिमान और आत्मसम्मान की कीमत चुकानी पड़ेगी।” पार्टी महिलाओं की जिस सुरक्षा, स्वाभिमान और सशक्तिकरण की बात करती है, वहीं बात पार्टी के सदस्यों में न देखने पर उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा, “मुझे पार्टी के कुछ सदस्यों के व्यवहार में वह बात बिल्कुल भी नजर नहीं आई, जिसका पार्टी प्रचार करती है।” “चुनाव के दौरान पार्टी में सब की भागीदारी जरूरी है, सिर्फ इसी आधार पर पार्टी के लिए आधिकारिक कार्य के दौरान मेरे साथ हुए गंभीर घटना और दुर्व्यवहार को दरकिनार कर दिया गया। इस अनादर ने मुझे आईएनसी (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस) से बाहर निकलकर अन्य चीजों पर खुद का ध्यान केंद्रित करने के लिए मजबूर किया।”
प्रियंका 

पार्टी छोड़ने का कारण

बीते बुधवार को उन्होंने मथुरा में एक प्रेस-कांफ्रेंस में पार्टी के कुछ सदस्यों द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार करने वालों को पार्टी में फिर से बहाल करने पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा, "पार्टी में रहने के दौरान जिन्होंने मुझे धमकाया, उन्हें बिना कोई कठोर कार्रवाई किए बगैर छोड़ दिया गया।"

दरअसल प्रियंका की नाराजगी आज की नहीं है बल्कि 1 सितम्बर 2018 है। जब रफाल पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए वह मथुरा गई थी। पहले उनका कार्यक्रम जिला कांग्रेस कमेटी में होना था लेकिन नेताओं के आपसी विवाद की वजह से इस कार्यक्रम को होटल में शिफ्ट करना पड़ा। जहां कुछ सदस्यों द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। जिसपर प्रियंका की शिकायत के बाद उन्हें पार्टी से निकल दिया गया। लेकिन कुछ समय बाद उत्तर प्रदेश के पार्टी महासचिव सिंधिया के कहने पर उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल कर लिया गया। जिससे प्रियंका नाराज थी।

टिकट नहीं मिला तो पार्टी छोड़ दी

प्रियंका के पार्टी छोड़ने का एक और कारण है। दरअसल प्रियंका मुंबई के उत्तर-पक्षिम से लोकसभा चुनाव लड़ना चाहती थी लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया और उनकी जगह संजय निरुपम को टिकट मिला जिससे प्रियंका और ज्यादा नाराज हो गईं और पार्टी छोड़ने का फैसला ले लिया।

बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना में शामिल हुयी प्रियंका चतुर्वेदी

कांग्रेस की पूर्व प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी आज शिवसेना में शामिल हो गई। उनके साथ इस मौके पर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भी मौजूद थे। आपको बता दें कि शिवसेना ने भी मुंबई के उत्तर पक्षिम सीट से गजानन कीर्तिकर को लोकसभा उम्मीदवार बनाया है।

शिवसेना में शामिल हुयी प्रियंका चतुर्वेदी
शिवसेना में शामिल हुयी प्रियंका चतुर्वेदी
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