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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मेरठ में विजय संकल्प रैली को संबोधित कर रहे हैं। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मेरठ में विजय संकल्प रैली को संबोधित कर रहे हैं। |Google 
देश

क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने भाषणों में टैलिप्राम्प्टर का इस्तेमाल करते हैं ?

प्रधानमंत्री मोदी को नहीं आती हिंदी, भाषण में करते हैं टैलिप्राम्प्टर का इस्तेमाल। 

AKANKSHA MISHRA

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश के मेरठ में विजय संकल्प रैली को संबोधित कर रहे थे। अपनी रैली में उन्होंने विरोधियों के छक्के छुड़ा दिए। प्रधानमंत्री मोदी ने इस रैली में सपा-बसपा और रालोद के महागठबंधन को एक नया नाम दिया सराब और कहा स.रा.ब सेहत के लिए हानिकारक हैं। लेकिन प्रधानमंत्री की इस रैली में उनके भाषणों से ज्यादा एक और बात की चर्चा हो रही है। वह ये कि प्रधानमंत्री ने हिंदी में भाषण देने के लिए भी टैलिप्राम्प्टर का इस्तेमाल क्यों किया ?प्रधानमंत्री इतने अच्छे वक्ता हैं, फिर भी ऐसा क्या हुआ कि प्रधानमंत्री को टैलिप्राम्प्टर का इस्तेमाल करना पड़ा ? उनके विरोधी भी प्रधानमंत्री के भाषणों पर प्रतिक्रिया देने के बजाए टैलिप्राम्प्टर पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

अखिलेश यादव ने क्या कहा -

प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया और लिखा, आज टेली-प्रॉम्प्टर ने यह पोल खोल दी कि सराब और शराब का अंतर वह लोग नहीं जानते जो नफ़रत के नशे को बढ़ावा देते हैं।

सराब को मृगतृष्णा भी कहते हैं और यह वह धुंधला सा सपना है जो भाजपा 5 साल से दिखा रही है लेकिन जो कभी हासिल नहीं होता। अब जब नया चुनाव आ गया तो वह नया सराब दिखा रहे हैं।

टैलिप्राम्प्टर का इस्तेमाल करते हुए प्रधानमंत्री मोदी 
टैलिप्राम्प्टर का इस्तेमाल करते हुए प्रधानमंत्री मोदी 
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लालू प्रसाद ने क्या कहा -

प्रधानमंत्री मोदी कि चुनावी रैलियों में टैलिप्राम्प्टर के इस्तेमाल पर राजद नेता लालू प्रसाद पहले भी कई बार सवाल उठा चुके हैं। बिहार में विजय संकल्प रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने जब टैलिप्राम्प्टर का इस्तेमाल किया तो लालू प्रसाद यादव ने ट्वीट करते हुए कहा -

बिहार की महान न्यायप्रिय धरा ने औक़ात दिखा दिया। योजना फ़ेल होने की बौखलाहट में आदमी कुछ भी झूठ बक सकता है। जुमले फेंक सकता है। बिहार में संभावित हार की घबहराहट से आत्मविश्वास इतना हिला हुआ है कि अब हिंदी भी ”स्पीच टेलीप्रॉम्‍प्‍टर में देखकर बोलना पड़ रहा है।

टैलिप्राम्प्टर का इस्तेमाल करते हुए बराक ओबामा
टैलिप्राम्प्टर का इस्तेमाल करते हुए बराक ओबामा
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प्रधानमंत्री मोदी अच्छे वक्ता हैं इसमें कोई दो राय नहीं हैं। उन्होंने पहले भी कई बार भाषणों में टैलिप्राम्प्टर का इस्तेमाल किया था । हालाँकि बीजेपी हमेसा से इसे नकारती आई है। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के हाल फिलहाल के भाषणों पर गौर करेगें तो पता चलेगा कि उनके हर भाषण में टैलिप्राम्प्टर का इस्तेमाल होता है। इससे पहले प्रधानमंत्री केवल विदेशों में अंग्रेजी भाषण के दौरान ही टैलिप्राम्प्टर का इस्तेमाल किया करते थे। प्रधानमंत्री मोदी के अलाव देश विदेश के सभी बड़े नेता टैलिप्राम्प्टर का इस्तेमाल करते हैं। अब सवाल यह हैं कि उन्हें हिंदी में भाषण देने के लिए टैलिप्राम्प्टर की जरुरत क्यों पड़ी ?

प्रधानमंत्री का तर्क

चुनाव का समय हैं, प्रधानमंत्री मोदी को एक दिन में 3-4 रैलियों को संबोधित करना पड़ता है। ऐसे में कई बार प्रधानमंत्री तथ्यों को लेकर गलत आंकड़े बता कर फंस चुके हैं। इस स्तिथि में अगर भाषण के दौरान प्रधानमंत्री टैलिप्राम्प्टर का इस्तेमाल करते हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं है। क्यों कि प्रधानमंत्री के भाषणों में कोई गलती नहीं होनी चाहिए।