उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
ईंट भट्टा के मजदूर
ईंट भट्टा के मजदूर|Google 
देश

पुणे: मानव मल खाने को मजबूर हुए ईंट भट्टा के मजदूर, उठी पुलिस जांच की मांग 

पुणे: कर्ज चुकता नहीं करने के एवज में ईंट भट्टा के मालिक ने मजदूर परिवार को मानव मल खाने पर मजबूर किया। जिसके बाद मजदूर परिवार पुलिस की शरण में है। 

Uday Bulletin

Uday Bulletin

महाराष्ट्र/ पुणे: देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली महाराष्ट्र में एक घोर अमानवीय घटना का खुलासा हुआ है। महाराष्ट्र के पुणे में एक दलित परिवार को जबरन मानव मल खिलाने की घटना पुणे पुलिस के सामने आई है। जिसके बाद हरकत में आई पुणे पुलिस ने दलित परिवार को जबरन मल खेलने वाले आरोपी ईंट भट्टा मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित दलित परिवार अनुसूचित जाती के मातंग समुदाय से आता है, और पुणे में ईंट भट्‌टा में काम करता है। वहां यह परिवार पिछले दो सालों से काम कर रहा है। पुलिस जांच के दौरान पता चला कि पीड़ित परिवार ने भट्टा मालिक से 50 हजार रुपए उधार लिए थे। जिसे चुकता नहीं करने पर मालिक ने उन्हें जबरन मानव मल खिलाया।

क्या है घटना

पीड़ित पावले के अनुसार, यह घटन बीते बुधवार दोपहर दो बजे की है। वह अपने पिता अनिल पावले, माँ सविता पावले और दादा-दादी के साथ खाना खाने के बाद ईंट भट्टा पर बैठे था।

जिसके बाद मालिक संदीप पवार वहां पहुंचा और काम शुरू करने की बात कहीं।

जिसपर पीड़ित ने कहा -"हमने अभी खाना खत्म किया है, थोड़ी देर में काम शुरू करते हैं।”

इस बात पर भट्टा मालिक गुस्से में आ गया, और पीड़ित के पिता और पत्नी की पिटाई शुरू कर दी। आरोपी गाली भी देता रहा। जिसके बाद उसने गुस्से में मानव मल मंगाया और बंदूक के बल पर जबरन खाने को मजबूर किया।

इन सभी घटना के दौरान भट्टे में काम करने वाले कई मजदुर देखते रहे, कोई मदद के लिए नहीं आया।

पुलिस ने की कार्यवाई

पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी संदीप पवार (42 साल) को उनके गांव जम्भे, तालुका मुळशी से गिरफ्तार किया। संदीप पवार पर आरोप है कि छोटी से बात पर गुस्सा दिखाते उन्होंने सबक सीखने के पीड़ित को मानव मल खिलाया। पीड़ित अनिल पावले (22) हिंजेवाड़ी का रहने वाला है।

50000 हज़ार के कर्ज में डूबा था पीड़ित

पीड़ित का परिवार मूल रूप से उस्मानाबाद का रहने वाला है। वह पिछले 2 सालों से पुणे के हिंजेवाड़ी में रह रहा है। पीड़ित के मुताबिक उसने भट्टा मालिक संदीप पवार से 50000 हाज़र रूपये कर्ज लिए थे। कर्ज का अधिकांश भाग पीड़ित ने भुगतान कर दिया है। उसके बाद भी भट्टा मालिक अक्सर अमानवीय व्यवहार करता रहता है।