उदय बुलेटिन
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देश

राजस्थान: जो अकबर न कर सका उसे कांग्रेस पार्टी के इस नेता ने कर दिखाया 

राजस्थान न्यूज़: कांग्रेस सरकार ने महाराणा कुम्भा के किले कुंभलगढ़ में नमाज पढ़ने की इजाजत दी। 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

क्या कांग्रेस हिन्दू विरोधी पार्टी है ? यह सवाल राजस्थान की हर वो आम जनता पूछ रही है, जो खुद को घोर हिन्दू मानती है या हिंदूवादी संगठनों से ताल्लुक रखती है। राजस्थान की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर हिंदूवादी संगठनों ने आरोप लगाया हैं कि महाराणा कुम्भा के बनवाये कुंभलगढ़ किले में मुसलमानों को नमाज पढ़ने की इजाजत कैसे दे दी गई।

दरअसल कुम्भलगढ़ का दुर्ग राजस्थान ही नहीं भारत के सभी दुर्गों में विशिष्ट स्थान रखता है। यह दुर्ग मेवाड़ के यशश्वी महाराणा कुम्भा की सूझबूझ व प्रतिभा का अनुपम स्मारक है। महाराणा कुम्भा से महाराणा राज सिंह के समय तक मेवाड़ पर हुए आक्रमणों के समय राज परिवार इसी दुर्ग में रहा, राजपूतों को इस दुर्ग से कोई भी दुश्मन हरा नहीं पाया।

उर्स प्रोग्राम का पम्पलेट 
उर्स प्रोग्राम का पम्पलेट 
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राजस्थान सरकार ने इसी कुंभलगढ़ किले में गरीब नवाज के उर्स प्रोग्राम के बाद 12 मार्च से यहां नमाज पढ़ने की इजाजत दे दी है। यहां होने वाल ईद मिलादुन्नबी कार्यक्रम के बाद लंगर की व्यवस्थ भी है। इस कार्यक्रम के जुड़े पोस्टर भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं और लोग विरोध कर रहे हैं । कार्यक्रम आयोजकों का कहना है कि नमाज पढ़ने की इजाजत और उर्स किले के बाहर दरगाह पर होगा।

जबकि विरोध कर रहे हिंदूवादी संगठनों का कहना है कि पम्पलेट में कार्यक्रम का पता किले के अंदर का दिया गया है। उनका कहना है ये किला भगवान एकलिंग का है । इस किले में मुगलबादशाह अकबर भी नहीं जीत सका था । यहां मुसलमानों को नमाज पढ़ने की इजाजत देना हिन्दुओं की भावना पर हमला है। महज तुष्टिकर के नाम पर हिन्दुओं की अस्मिता पर हमला गलत है। इस कार्यक्रम का विरोध जोर शोर से चल रहा है।

स्थानीय लोग क़ानूनी कार्यवाई के साथ प्रशासन पर भी जोर डाल रहे हैं। वहीं उर्स के आयोजक भी प्रशासन की शरण में बैठे हैं। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रया दी जा रही है कि,

“जो अकबर न कर सका वो अशोक गहलोत ने कर दिखाया। राजस्थान सरकार ने महाराणा प्रताप के कुम्भलगढ़ किले में इज्तेमा की इजाजत प्रदान की... जिस किले में हमेशा एकलिंगनाथ , हर हर महादेव का जयघोष होता रहा, वहा पहली बार अल्ला हु अकबर गूंजेगा ।”

एक ट्विटर यूजर ने लिखा

"यही तो था... वक्त है बदलाव का...राजस्थान सरकार ने कुम्भलगढ़ किले में नमाज पढ़ने की इजाजत दी है। जिस किले की सुरक्षा स्वतंत्रता व स्वभिमान की रक्षा के लिए लाखो शीश कट गये और करोड़ों मलेच्छो के सर काट दिए गए, वहां नमाज़?? वह दिन दूर नहीं जब ये आपके घर में घुस कर नवाज पढेंगें..."

आपको बता दें, कि राजस्थान वीरों की भूमि है। जिन्होंने अपने देश के लिए अपनी जाने दी। जिन्होंने मरते दम तक देश का सर किसी भी मुग़ल दुश्मनों के सामने नहीं झुकने दिया। ऐसे वीरों की भूमि में दुश्मनों के लिए नमाज पढ़ना वीरों का अपमान है।