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शहीद पिंटू कुमार को श्रद्धांजलि देता परिवार 
शहीद पिंटू कुमार को श्रद्धांजलि देता परिवार |Twitter
देश

शहीदों के नाम पर नेता खूब बटोर रहे वोट, और श्रद्धांजलि तक देने नहीं आये 

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के शहीद जवान पिंटू कुमार सिंह को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेताओं द्वारा श्रद्धांजलि न देने पर पिता द्वारा गुस्सा जाहिर किया गया।  

AKANKSHA MISHRA

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हमारे देश में हर बात की लहर होती है। साल 2014 में मोदी जी की लहर थी, उस समय जिसने भी बीजेपी का दामन थमा, कुर्सी पर बैठ गया और अब साल 2019 में देशभक्ति की लहर है । शहीदों पर फूल बरसाओ, आँसू बहाओ और कुर्सी पर बैठ जाओ।

लेकिन अब यह लहर धीरे-धीरे कम हो रही है। 3 मार्च 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार में थे। जहां वे गांधी मैदान में NDA द्वारा आयोजित विजय संकल्प रैली को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रीगण इतने तल्लीन थे कि शहीद पिंटू सिंह की शहादत को भूल गए।

शहीद पिंटू सिंह की सम्मान देना भूल गए PM Modi

प्रधानमंत्री मोदी ने जब अपना संबोधन शुरू किया तो सभी को लगा कि शायद एक बार प्रधानमंत्री के मुख से शहीद पिंटू सिंह का नाम निकल जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, प्रधानमंत्री ने अपना संबोधन भारत माता की जय के नारे के साथ शुरू किया और बिहार के ही रहने वाले शहीद पिंटू सिंह को याद करना भूल गए। उन्होंने शहीद जवानों की याद में नारे भी लगाए। लेकिन शहीद पिंटू सिंह को सम्मान देना भूल गए, पिंटू सिंह के सम्मान में कोई भी केंद्र या राज्य सरकार का मंत्री श्रद्धांजलि देने नहीं पहुंचा। जिसके बाद परिवार और स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा है।

क्या कहा पिता चक्रधर सिंह ने

पिता चक्रधर सिंह ने कहा, "मंत्रियों को बस सत्ता में बने रहने की चिंता है। यह दर्शाता है कि उन्हें सैनिकों की कितनी चिंता है।" उन्होंने कहा, "राजग नेता संकल्प रैली (प्रधानमंत्री की रैली) को लेकर अधिक चिंतित थे। उन्होंने एक बहादुर सैनिक को श्रद्धांजलि देने की उपेक्षा की है जो देश के लिए शहीद हो गया।"

पिता द्वारा गुस्सा जाहिर करने के बाद जनता दल-यूनाइटेड (जद-यू) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने उनसे माफी मांगी है। किशोर ने रविवार को ट्वीट किया, "हम उन सभी लोगों की ओर से माफी मांगते हैं जिन्हें दुख की इस घड़ी में आपके साथ होना चाहिए था।"

कौन है शहीद पिंटू कुमार सिंह

शहीद पिंटू कुमार सिंह बिहार, बेगुसराय जिले के धनचक्की गांव के रहने वाले थे। वे CRPF में इस्पेक्टर थे। पिंटू सिंह शुक्रवार को जम्मू एवं कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकवाद-रोधी अभियान के दौरान शहीद हो गए थे। उनकी पांच साल की बेटी पीहू ने उन्हें मुखाग्नि दी।

कहां व्यस्त थे नेता

दरअसल शहीद पिंटू कुमार सिंह के शव को जब सुबह 8:30 बजे पटना एयरपोर्ट पर लाया गया था, उसके दो घंटे बाद बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार अपने कई मंत्रियों के साथ पटना एयरपोर्ट पहुंचे थे लेकिन प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने। सुबह 8:30 बजे NDA का कोई मंत्री शहीद पिंटू कुमार सिंह को श्रद्धांजलि देने इसलिए नहीं पहुंचा क्यों कि सुशासन बाबू पीएम की विजय संकल्प रैली में व्यस्त थे।

विपक्ष का हंगामा

14 फ़रवरी 2019 को जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 45 CRPF जवान शहीद हो गए थे। जिसके बाद विपक्ष लगातार बीजेपी पर शहीदों की आड़ में राजनीती करने का आरोप लगता रहा है। ऐसे में शहीद पिंटू सिंह को बीजेपी सरकार द्वारा सम्मान न देकर विपक्षी पार्टियों को एक और मुद्दा दे दिया। विपक्ष इस मौके को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने पुलवामा हमले के बाद लगभग अपनी सभी रैलियों में सैनिकों की शहादत का जिक्र जरूर किया हैं। इस बात को लेकर विपक्षी नेता अब मोदी और नीतीश दोनों पर हमलावर हैं। राजद नेता तेजस्वी यादव ने एनडीए पर शहादत का अपमान करने का आरोप लगाया है।