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भारत के खिलाफ पाक को F-16 फाइटर जेट का इस्तेमाल करना पड़ा भारी,
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भारत के खिलाफ पाक को F-16 फाइटर जेट का इस्तेमाल करना पड़ा भारी, अमेरिका ने शुरू किया खोजबीन अभियान 

भारत के खिलाफ एफ-16 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल कर पाकिस्तान बुरा फंसता दिख रहा है। अमेरिका कर रहा है जांच। 

विंग कमांडर अभिनन्दन पाकिस्तान से भारत वापस आ चुकें हैं। लेकिन पाकिस्तान की मुसीबतें अभी ख़त्म कहां हुई हैं। जिस बहादुरी के लिए विंग कमांडर अभिनन्दन की चर्चा दुनिया भर में हो रहे है, उसी बहादुरी ने पाकिस्तान की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। दरअसल भारतीय पायलट अभिनन्दन ने MiG 21 से F-16 को मार गिराया था। हालांकि पाकिस्तान इसे इंकार करता रहा है। लेकिन जिस तरह भारतीय सुरक्षा बल के अधिकारीयों ने प्रेस कांफ्रेंस कर F-16 इस्तेमाल होने के सबूत दिए है, पाकिस्तान आखिर कब तक इसे इंकार कर पता। भारत के सबूतों पर गौर फरमाते हुए अमेरिका अब एक्शन में आया है। अमेरिका ने अब पाकिस्तान से पूछा है कि क्या उसने F16 का इस्तेमाल किया है, अगर ऐसा हुआ तो ये इन दोनों देशों के बीच हुए एग्रीमेंट का हनन होगा।

28 फ़रवरी यानी बृहस्पतिवार को MRSAM (मेडियम रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल) यह मिसाइल पाकिस्तान के पास मौजूद लड़ाकू विमानों में से सिर्फ F-16 में ही लगायी जा सकती है जिसके कुछ टुकड़े यह साबित करने के लिए उन साक्ष्यों के तौर पर भारतीय वायुसेना ने दिखाये थे कि पाकिस्तान ने अमेरिका निर्मित F-16 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल कश्मीर में भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों पर हवाई हमले के लिए किया था। वहीं पाकिस्तान ने कहा कि हमने किसी F-16 लड़ाकू विमान का इस्तेमाल नहीं किया और उसने साथ ही इस बात से भी इनकार किया कि भारतीय वायुसेना ने उसके एक विमान को मार गिराया है। लेकिन पाकिस्तान का अब यह दांव उसी पर भारी पड़ गया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तान द्वारा एफ-16 लड़ाकू विमान के गलत इस्तेमाल संबंधी रिपोर्टों पर अमेरिका और जानकारियां जुटा रहा है।

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आपको बता दें कि, पाकिस्तान ने भारत के साथ सीमा संघर्ष में अमेरिका के साथ हुए ‘एंड-यूजर’ समझौते का उल्लंघन किये जाने संबंधी खबरों के बारे में पूछे जाने पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हम इन रिपोर्टों से अवगत हैं और जानकारियां जुटा रहे हैं।’’ रक्षा विभाग के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल कोन फॉकनर ने कहा, ‘‘विदेशी सैन्य बिक्री अनुबंधों में अप्रकटीकरण समझौते के कारण हम उसमें दर्ज एंड यूजर समझौतों के बारे में चर्चा नहीं कर सकते।’’लेकिन यह तय हैं कि अब पाकिस्तान बचने वाला नहीं हैं।

अमेरिका अत्याधुनिक रक्षा साजो सामान बेचने वाला विश्व का सबसे बड़ा देश है और इसके पास मजबूत एंड यूजर निगरानी समझौता है, जो रक्षा साजो सामान के दुरुपयोग के किसी भी आरोप को बेहद गंभीरता से लेता है। पेंटागन की डिफेंस सिक्योरिटी एंड कॉरपोरेशन एजेंसी (डीएससीए) के अनुसार एफ-16 विमान आतंकवाद निरोधक अभियानों में पाकिस्तान की क्षमता को बढ़ाने के लिए हैं। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार अमेरिका ने पाकिस्तान पर एफ-16 विमानों के इस्तेमाल को लेकर लगभग 12 पाबंदियां लगाईं हैं।