उदय बुलेटिन
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‘ पीरियड. द एंड ऑफ सेंटेंस’ को  ऑस्कर पुरस्कार मिला
‘ पीरियड. द एंड ऑफ सेंटेंस’ को ऑस्कर पुरस्कार मिला|Twitter
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Oscars 2019: लॉस एंजेलिस में मिला ऑस्कर, तो उत्तर प्रदेश के हापुड़ में बांटी जा रही है मिठाई

भारत में माहवारी के समय महिलाओं को होने वाली समस्या और पैड की अनुपलब्धता को लेकर बनी एक शॉर्ट फिल्म ‘ पीरियड. द एंड ऑफ सेंटेंस’ को ‘डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट सब्जेक्ट’ श्रेणी में ऑस्कर पुरस्कार मिला है।

AKANKSHA MISHRA

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फिल्म 'पैडमैन' में अक्षय कुमार ने अरुणाचलम मुरुगनाथम का किरदार निभाया था। इस फिल्म की सफलता के बाद अक्षय कुमार को शोहरत मिली तो अरुणाचलम मुरुगनाथम को घर-घर तक पहचान। अब फिल्म पैडमैन के बाद अरुणाचलम मुरुगनाथम पर दूसरी फिल्म बनी और इस फिल्म को ऑस्कर्स अवार्ड से नवाजा गया है।

दरअसल भारत में मासिक धर्म से जुड़ी वर्जनाओं पर आधारित फिल्म 'पीरियड : एंड ऑफ सेंटेंस' ने 91वें अकादमी पुरस्कार समारोह में डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट सब्जेक्ट की श्रेणी में ऑस्कर पुरस्कार हासिल किया है। फिल्म का निर्माण भारतीय फिल्मकार गुनीत मोंगा की सिखिया एंटरटेनमेंट कंपनी द्वारा किया गया है। फिल्म भारत में मासिक धर्म से जुड़ी वर्जनाओं के खिलाफ महिलाओं की लड़ाई और असल जिंदगी के 'पैडमैन' अरुणाचलम मुरुगनाथम के काम पर बात करती है।

ईरानी-अमेरिकी फिल्मकार रेका जेहताबची द्वारा निर्देशित फिल्म का निर्माण लॉस एंजेलिस के ओकवुड स्कूल के विद्यार्थियों के एक समूह और उनकी शिक्षिका मेलिसा बर्टन द्वारा स्थापित द पैड प्रोजेक्ट द्वारा किया गया है।

26 मिनट की फिल्म उत्तरी भारत के हापुड़ की लड़कियों और महिलाओं और उनके गांव में पैड मशीन की स्थापना के ईद-गिर्द घूमती है। इस फिल्म की सफलता के बाद हापुड़ गांव में जश्न का माहौल है। हापुड़ की रहने वाली स्नेहा ने इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई थी। स्नेहा ने गांव में मिठाइयां बांटी और लोगों को धन्यवाद दिया।

भारत के लिए ऑस्कर का यह क्षण एक दशक के बाद आया है, जब ए आर रहमान और साउंड इंजीनियर रसूल पोकुट्टी को ‘स्लमडॉग मिलेनियर’ के लिए 2009 में अकादमी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

इस पुरस्कार के लिए 'पीरियड : एंड ऑफ सेंटेंस' का मुकाबला 'ब्लैक शीप', 'एंड गेम', 'लाइफबोट' और 'ए नाइट एट द गार्डन' के साथ था। इस पुरस्कार को लेने के लिए रेका जेहताबची और बर्टन मंच पर पहुंची। रायका जेहताबची ने कहा, "मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि मासिक धर्म पर बनीं फिल्म को ऑस्कर मिला है।"

इस जीत से उत्साहित मोंगा ने ट्वीट कर कहा, "हम जीत गए। हमने सिखिया को नक्शे पर उतार दिया है।” बर्टन ने यह पुरस्कार अपने स्कूल को समर्पित करते हुए कहा, "इस परियोजना का जन्म इसलिए हुआ क्योंकि लॉस एंजिलिस के मेरे विद्यार्थी और भारत के लोग बदलाव लाना चाहते हैं।"

उन्होंने कहा, "मैं इस पुरस्कार को फेमिनिस्ट मेजोरिटी फाउंडेशन, पूरी टीम और कलाकारों के साथ साझा करती हूं। मैं इसे दुनिया भर के शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ साझा करती हूं।"