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Pulwama Investigation: NIA लेगा देश का बदला, मिला पुलवामा के गुनहगार का पता

Pulwama Attack Investigation: जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद NIA और NSG की टीम 15 फरवरी को पुलवामा पहुंच कर इस आतंकी हमले के तार को गुनहगार से जोड़ने की कोशिश में लगी है।

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले में CRPF के 48 जवान शहीद हो गए थे। जिसके बाद केंद्र सरकार सहित तमाम ख़ुफ़िया एजेंसी इस घटना की खोज बिन में जुट गई है। 15 फ़रवरी को प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन और सुरक्षा एजेंसी के अधिकारों के बीच बैठक हुए। जिसके बाद NIA और NSG टीम पुलवामा पहुंच गई और इस घटना की जांच शुरू हो गई। लेकिन जैसे जैसे ये जांच बढ़ती गई वैसे वैसे आतंकियों की दिल दहलाने वाली खुनी मंशा का खुलासा होता गया।

Pulwama Investigation: NIA लेगा देश का बदला, मिला पुलवामा के गुनहगार का पता

20 से 25 किलोमीटर के दायरे में छिपे बैठे हैं आतंकी

NIA की जांच से पता चला कि हमारे खिलाफ खुनी खेल खेलने वाला पाकिस्तान अपने मकशद को पूरा करने के लिए हमारी ही जमीन का इस्तेमाल करता है। जम्मू-श्रीनगर के नेशनल हाईवे पर 20 से 25 किलोमीटर के दायरे में आतंकियों का गढ़ है। हमारी धरती पर पलने वाले पाकिस्तान के ये गुलाम नेशनल हाईवे के 20 से 25 किलोमीटर के दायरे में छिपे बैठे हैं। सुरक्षा एजेंसी का मानना है कि जैश के कई आतंकी इन्हीं इलाकों में छिपे बैठे हैं। यह इलाका पम्पोर से पुलवामा के बीच का है।

राशिद गाजी पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड

जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बल की टीम ने पम्पोर से पुलवामा के बीच सर्च अभियान शुरू कर दिया है। सुरक्षा बलों को पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड राशिद गाजी और कामरान की तलाश है। NIA की टीम का मानना हैं कि राशिद गाजी पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड हैं उसने ही आदिल डार को IED विस्फोटक लगाने और विस्फोट करने की ट्रेनिंग दी थी। राशिद गाजी IED के जरिये विस्फोट करने में माहिर है। उसने अफगान में इसकी ट्रेनिंग भी ली है। यह पहली बार नहीं है कि राशिद गाजी का नाम किसी बड़े हमले में आया है । इससे पहले भी कई बार सुरक्षा बलों ने राशिद गाजी को मरने की कोशिश की है । लेकिन वह बच कर भाग निकला है। 11 फ़रवरी को पुलवामा के रत्नीपुरा गांव में जब सेना ने राशिद गाजी को घेरा तो वह वहां से भी बच कर भाग गया।

NIA की टीम को मिला सुराख

सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा बलों और रोड ऑपरेटिंग पार्टी पर हुए पुराने हमले का ध्यान रखते हुए कुछ इलाकों को चिन्हित किया है। इन इलाकों में अब तक सबसे अधिक आतंकी हमले हुए हैं। यह दायरा 10 किलोमीटर के बिच का है। सुरक्षा एजेंसी इस में लगे मोबाइल टॉवर और संदिग्ध कॉल को भी खंगाल रही है। आतंकियों द्वारा सेना के कफिले पर किये गए 10 हमलों को समझ कर एजेंसी इस हमले का पता लगा रही है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार इस हमले में 150 से 200 किलो का RDX का इस्तेमाल किया है। हमलावरों को पहले से पता था कि 5वीं गाड़ी बुलेट प्रूफ नहीं है। इसलिए आतंकी हमलावरों ने CRPF की 5वीं गाड़ी को अपना निशाना बनाया।