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SC का केंद्र सरकार से सवाल
SC का केंद्र सरकार से सवाल|Google
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SC का केंद्र सरकार से सवाल, अब तक CBI निदेशक की नियुक्त क्यों नहीं कि गई ?

SC ने केन्द्र से पूछा कि उसने CBI का स्थायी निदेशक नियुक्त क्यों नहीं किया है। साथ ही न्यायालय ने टिप्पणी की कि वह लंबे समय तक एजेंसी के लिए अंतरिम प्रमुख की नियुक्ति के ‘‘विरुद्ध’’ है।

AKANKSHA MISHRA

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नई दिल्ली: केंद्र ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि शुक्रवार शाम को एक उच्चस्तरीय चयन समिति की बैठक में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक का चयन होगा। शीर्ष अदालत ने पूछा था कि सीबीआई में कबतक अंतरिम निदेशक की स्थिति बनी रहेगी, जिसका सरकार ने जवाब दिया।

सर्वोच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की पीठ ने केंद्र से कहा था कि सीबीआई निदेशक का पद संवेदनशील है और सरकार को अबतक एक नियमित निदेशक नियुक्त कर देना चाहिए था।

महान्यायवादी के.के. वेणुगोपाल ने अदालत को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की उच्चस्तरीय समिति शुक्रवार शाम बैठक कर नए निदेशक की नियुक्ति पर निर्णय लेगी।

गैर सरकारी संगठन के वकील प्रशांत भूषण ने पीठ से कहा कि न्यायालय को जांच ब्यूरो के निदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया में पारदर्शिता के पहलू पर गौर करना चाहिए।

पीठ ने भूषण से कहा, ‘‘आप तत्काल नियुक्ति चाहते हैं। हमें यहीं रूकना होगा। पहले नियुक्ति होने दीजिये। यदि आपको कोई शिकायत हो कि प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और इसमें पारदर्शिता नहीं थी तो आप इसे बाद में चुनौती दे सकते हैं।’’

पीठ, कॉमन कॉज नामक एनजीओ की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें विवादास्पद परिस्थितियों में पूर्व निदेशक आलोक वर्मा को हटाने के बाद एम. नागेश्वर राव की सीबीआई अंतरिम निदेशक के रूप में नियुक्ति को चुनौती दी गई है।

पीठ ने कहा कि नियुक्ति की प्रक्रिया अबतक खत्म हो जानी चाहिए थी, क्योंकि यह पहले से ही पता था कि वर्मा जनवरी में सेवानिवृत्त हो जाएंगे।

वेणुगोपाल ने अदालत को यह भी बताया कि केंद्र ने आईपीएस अधिकारी राव को अंतरिम निदेशक नियुक्त करने से पहले समिति की मंजूरी ली थी। उन्होंने पीठ को यह भी कहा कि केन्द्र ने आईपीएस अधिकारी एम नागेश्वर राव को अंतरिम सीबीआई निदेशक नियुक्त करने से पहले उच्चाधिकार समिति की मंजूरी ली थी।

समिति की शुक्रवार को बैठक के बारे में अटॉर्नी जनरल के कथन के बाद न्यायालय ने मामले की सुनवाई छह फरवरी तक स्थगित कर दी। सर्वोच्च न्यायालय ने मामले को अगली सुनवाई के लिए छह फरवरी की तारीख तय की है।

--आईएएनएस