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 चंद्रबाबू नायडू केंद्र सरकार के विरोध में काली शर्ट पहन कर लोकसभा पहुंचे
चंद्रबाबू नायडू केंद्र सरकार के विरोध में काली शर्ट पहन कर लोकसभा पहुंचे|Twitter
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बजट सत्र के दौरान हुआ मोदी सरकार का विरोध, चंद्रबाबू नायडू काली शर्ट पहनकर विधानसभा पहुंचे

सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के अध्यक्ष नायडू काले रंग की शर्ट और सफेद पैंट पहनकर विधानसभा पहुंचे।

AKANKSHA MISHRA

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अमरावती: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू (Andhra Pradesh CM Chandrababu Naidu) ने राज्य के साथ केंद्र के सौतेले व्यवहार और विशेष राज्य का दर्जा देने का वादा नहीं पूरा करने के विरोध में काले रंग की शर्ट पहनी।

सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के अध्यक्ष नायडू काले रंग की शर्ट और सफेद पैंट पहनकर विधानसभा पहुंचे।

उनके कैबिनेट सहयोगियों में उनके बेटे और सूचना मंत्री नारा लोकेश और पार्टी के अन्य सभी विधायकों ने भी काले रंग की पोशाक पहन रखी थी।

लोकेश ने ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आंध्र प्रदेश के साथ सौतेला व्यवहार करने और आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने का वादा तोड़ने के खिलाफ मुख्यमंत्री ने सांकेतिक विरोध के तौर पर विधानसभा में काले कपड़े पहने।

तेदेपा सूत्रों के मुताबिक, नायडू ने पहली बार काले रंग की शर्ट पहनी। उन्हें आमतौर पर सफेद, क्रीम या पीले रंग के कपड़े पहने देखा जाता है। तेदेपा नेताओं ने राज्य को विशेष दर्जा देने की मांग को लेकर प्रत्येका होडा साधना समिति (पीएचएसएस) द्वारा आहूत बंद का भी समर्थन किया है।

इससे पहले, तेदेपा नेताओं के साथ एक टेलीकॉन्फ्रेंस के दौरान, नायडू ने कहा कि राज्य में 10 फरवरी तक प्रदर्शन किए जाएंगे। अगले दिन वह नई दिल्ली जाएंगे जहां वह विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करेंगे। राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शन 14 फरवरी तक जारी रहेगा।

नागरिकता विधेयक के खिलाफ भी हुआ नग्न प्रदर्शन

नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ तीन लोगों ने भी पास नग्न प्रदर्शन किया। लोकसभा में 8 जनवरी को नागरिकता विधेयक के पारित होने के बाद से इस विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में फैल गया है। विधेयक में पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बांग्लादेश के छह गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यक समूहों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने की कोशिश की गई है। पूर्वोत्तर में यह डर है कि अगर ऐसा होता है तो 'बाहरी लोग' के लोगों के कारण क्षेत्र के स्थानीय लोगों को नुकसान होगा।