उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
Pariksha Pe Charcha
Pariksha Pe Charcha|BJP-Twitter
देश

Pariksha Pe Charcha: निराशा में डूबा समाज, परिवार या व्यक्ति किसी का भला नहीं कर सकता है- PM Modi

Pariksha Pe Charcha 2: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभिभावकों को सलाह दी कि अभिभावकों को अपने बच्चे के रिपोर्ट कार्ड को सामाजिक अवसरों पर अपने ‘परिचय कार्ड’ के रूप में प्रयोग करना बंद कर देना चाहिए

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभिभावकों को सलाह दी कि अभिभावकों को अपने बच्चे के रिपोर्ट कार्ड को सामाजिक अवसरों पर अपने 'परिचय कार्ड' के रूप में प्रयोग करना बंद कर देना चाहिए। मोदी ने बच्चे के शैक्षिक प्रदर्शन को उसकी सामाजिक स्थिति से जोड़ने के खिलाफ भी आगाह किया। दो वर्षो में अपनी दूसरी 'परीक्षा पे चर्चा' संवाद में मंगलवार को यहां करीब दो हजार छात्रों व शिक्षकों को संबोधित करते हुए मोदी ने छात्रों से अवसाद को हल्के में नहीं लेने और जरूरत पड़ने पर परामर्श लेने को कहा।

उनके साथ अपने दूसरे परीक्षा से पहले के संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने अवसाद को किनारे रखने के लिए छात्रों को एक कागज पर अपनी समस्याएं लिखने और उसके बारे में अपने दोस्तों को बताने की सलाह दी।

उन्होंने कहा, "न अभिभावकों को, न छात्रों को और न ही शिक्षकों को, किसी को भी डिप्रेशन को हल्के में नहीं लेना चाहिए। उन्हें इसे अत्यंत प्राथमिकता देनी चाहिए।"

Pariksha Pe Charcha
Pariksha Pe Charcha
BJP-Twitter

परीक्षा पे चर्चा' (Pariksha Pe Charcha) कार्यक्रम में पीएम मोदी द्वारा दी गई टिप्स

  1. Pubg और Fortnite जैसे ऑनलाइन गेम्स पर पीएम मोदी ने कहा कि बच्चों को टेक्नोलोजी की सही दिशा में ले जाना चाहिये। तकनीक का उपयोग विस्तार के लिए होनी चाहिए। तकनीक को प्रोत्साहित करना चाहिए। ऑनलाइन गेम्स समस्या भी है, समाधान भी है।
  2. निराशा में डूबा समाज, परिवार या व्यक्ति किसी का भला नहीं कर सकता है, आशा और अपेक्षा उर्ध्व गति के लिए अनिवार्य होती है।
  3. टेक्नोलॉजी का उपयोग हमारे विस्तार के लिए, हमारे सामर्थ्य में बढ़ोतरी के लिए होना चाहिए।
  4. लक्ष्य ऐसा होना चाहिए जो पहुंच में तो हो, पर पकड़ में न हो। जब हमारा लक्ष्य पकड़ में आएगा तो उसी से हमें नए लक्ष्य की प्रेरणा मिलेगी।
  5. जब मन में अपनेपन का भाव पैदा हो जाता है तो फिर शरीर में ऊर्जा अपने आप आती है और थकान कभी घर का दरवाजा नहीं देखती है।
  6. मेरे लिए भी देश के सवा सौ करोड़ देशवासी मेरा परिवार।
  7. जो सफल लोग होते हैं, उन पर समय का दबाव नहीं होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उन्होंने अपने समय की कीमत समझी होती है।
  8. कसौटी बुरी नहीं होती, हम उसके साथ किस प्रकार के साथ डील करते हैं उस पर निर्भर करता है। मेरा तो सिद्धांत है कि कसौटी कसती है, कसौटी कोसने के लिए नहीं होती है।
  9. अभिभावकों का सकारात्मक रवैया, बच्चों की जिंदगी की बहुत बड़ी ताकत बन जाता है।
  10. मां-बाप और शिक्षकों को बच्चों की तुलना नहीं करना चाहिए, इससे बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। हमें हमेशा बच्चों को प्रोत्साहित करना चाहिए।
  11. आप अपने रिकॉर्ड से ‘कॉम्पिटिशन’ कीजिए और हमेशा अपने रिकॉर्ड ब्रेक कीजिए। इससे आप कभी निराश नहीं होंगे और तनाव में नहीं रहेंगे।
  12. अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों के डिप्रेशन को हल्के में नहीं लेना चाहिए। डिप्रेशन या स्ट्रेस से बचने के लिए काउंसिलिंग से भी संकोच नहीं करना चाहिए, बच्चों के साथ सही तरह से बात करने वाले एक्सपर्ट से संपर्क करना चाहिए।
Pariksha Pe Charcha
Pariksha Pe Charcha
BJP-twitter

प्रधानमंत्री नेपाल, रूस, नाइजीरिया और कुवैत जैसे कई देशों से छात्रों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दिए। छात्रों के सवाल पहले से रिकॉर्ड वीडियो के रूप में उनसे पूछे गए थे। हालांकि आयोजन में मौजूद कुछ छात्रों ने कई बार पुकारकर 'सर' कहा लेकिन वे मोदी से सवाल पूछने में नाकाम रहे।

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के सेंट्रल हिंदू स्कूल का एक छात्र जब सवाल पूछने के लिए खड़ा हुआ तो उसे उसके शिक्षकों और अधिकारियों ने बैठने के लिए कहा। यह संवाद देश के सभी सरकारी स्कूलों में सीधे प्रसारित किया गया था।