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 जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के पूर्व छात्रसंघ नेता कन्हैया कुमार
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के पूर्व छात्रसंघ नेता कन्हैया कुमार|Twitter
देश

JNU में देश विरोधी नारेबाजी के 3 साल बाद कन्हैया कुमार,उमर खालिद के खिलाफ चार्जशीट दायर

JNU sedition case में कन्हैया कुमार, उमर खालिद समेत 30 लोगों को इस मामले में संदिग्ध पाया गया था। उनपर आरोप था कि उन्होंने JNU परिसर में राष्ट्र विरोधी भड़काऊ भाषण दिए थे। 

AKANKSHA MISHRA

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नई दिल्ली: JNU sedition case: जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के पूर्व छात्रसंघ नेता कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य समेत 10 आरोपियों के खिलाफ तीन साल बाद दिल्ली पुलिस आज चार्जशीट दाखिल कर रही है। दरअसल इन सभी पर आरोप है कि इनलोगों ने यूनिवर्सिटी परिसर में राष्ट्र विरोधी भड़काऊ भाषण दिए थे। जिसके खिलाफ दिल्ली पुलिस ने 3 साल बाद पटियाला हाउस कोर्ट में चार्जशीट दायर करेगी। हालांकि साल 2016 में भी पुलिस ने इन लोगों को हिरासत में लिया था लेकिन सबूतों के गैरमौजूदगी में पुलिस ने सबको छोड़ दिया था।

चार्जशीट में कहा गया है कि JNU में देश विरोधी नारे 7 कश्मीरी छात्रों ने लगाए थे। इसमें कहा गया है कि उमर खालिद इस सभी आरोपियों के संपर्क में था और उसे कैंपस में आयोजित कार्यक्रम में भी बुलाया गया था। इन पर IPC की धारा 124A 323, 465, 471,143, 149, 147, और 120B के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

चार्जशीट दायर होने पर कन्हैया कुमार ने इसे राजनीत से प्रेरित कदम बताते हुए कहा कि, 'अगर यह खबर सच है कि चार्जशीट दायर की गई है, तो मैं पुलिस और मोदी जी को धन्यवाद देना चाहता हूं। 3 साल बाद आरोपपत्र दाखिल करना, चुनावों से पहले यह कदम स्पष्ट रूप से राजनीति द्वारा प्रेरित लगता है। उन्होंने कहा मुझे अपने देश की न्यायपालिका पर भरोसा है।'

क्या है मामला

तीन साल पहले 9 फरवरी 2016 को को JNU यूनिवर्सिटी कैंपस में अफजल गुरु और मकबूल भट्ट के फांसी के विरोध में एक प्रोग्राम आयोजित किया गया था। जिसमें देश विरोधी नारे लगाने का आरोप गया था। पुलिस से करवाई करते हुए उस समय दिल्ली के बसंत कुंज नार्थ थाने में कन्हैया कुमार, उमर खालिद, और अनिबर्न भट्टाचार्य के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार भी किया था। जिसके बाद सबूत न होने के कारण सभी आरोपियों को दिल्ली हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत दे दी थी।

दिल्ली पुलिस ने 1200 पेज की चार्जशीट दिल्ली पटियाला हाई कोर्ट में जमा की है। पुलिस के अनुसार इस मामले में सबूत के तौर पर घटना के वक़्त के कई वीडियो फुटेज, जो CBI की CFSL में जांच के लिए भेजे गए थे और जिसके नमूने सही पाए गए है। साथ ही पुलिस ने मौके पर उपस्थित कई लोगों के बयान, मोबाइल फुटेज, फेसबुक पोस्ट, बैनर पोस्टर शामिल हैं सबूत के टूर पर शामिल किये हैं। आपको बता दें कि इस मामले करीब 30 और लोग संदिग्ध पाए गए थे। लेकिन उनके खिलाफ सबूत नहीं मिले थे।