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मायावती ने कहा, आज भी याद है 1996 का वो कड़वा अनुभव, इसलिए कांग्रेस गठबंधन का हिस्सा नहीं 

SP-BSP गठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं करने पर मायावती ने कहा कांग्रेस और भाजपा की नीति एक जैसी ही भ्रष्ट है और काग्रेस के साथ जाने पर बसपा को वोट शेयर में नुकसान होता है।

AKANKSHA MISHRA

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लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अध्यक्ष मायावती (Mayawati) ने शनिवार को यहां कांग्रेस (Congress) के साथ अपने कड़वे अनुभव बयान किए। मायवती (Mayawati) ने कहा, "कांग्रेस के साथ जाने से हमारे वोट शेयर पर बुरा असर पड़ता है। अगर हम इनके साथ नहीं जाते हैं तो हमारे पास वोट का शेयर ज्यादा रहता है। लिहाजा हमने कांग्रेस (Congress) को गठबंधन से बाहर रखा है।" हालांकि, उन्होंने कांग्रेस की दो सीटें रायबरेली (Raebareli) और अमेठी (Amethi) छोड़ दी हैं।

उन्होंने कहा, "कांग्रेस (Congress) या भाजपा (BJP) दोनों एक ही बात है। अगर हम कांग्रेस से गठबंधन करते हैं तो हमें घाटा होगा। क्योंकि कांग्रेस के समय में भी भ्रष्टाचार हुआ। दोनों पार्टियों ने रक्षा सौदे में घोटाला किया है। कांग्रेस ने बोफोर्स (Bofors scandal) में किया, तो भाजपा राफेल (Rafale Scandal) में कर रही है। जैसे हमने मिलकर उपचुनावों में भाजपा (BJP) को हराया है, उसी तरह हम लोकसभा चुनाव (Loksabha Election 2019) में भाजपा को हराएंगे।"

बसपा अध्यक्ष ने कहा, "कांग्रेस और भाजपा की नीति एक जैसी ही भ्रष्ट है और काग्रेस के साथ जाने पर बसपा को वोट शेयर में नुकसान होता है। सपा, बसपा को कांग्रेस के साथ जाने से कोई खास फायदा होने वाला नहीं है। पूरे देश में कांग्रेस पार्टी या इस तरह की किसी भी अन्य पार्टी से गठबंधन करके चुनाव नहीं लड़ेंगे, जिससे हमारा वोट ही कट जाए।"

मायावती ने कहा, "अगर 90 के दशक में केंद्र से कांग्रेस सरकार को हटाने के लिए बोफोर्स (Bofors scandal) जिम्मेदार था तो भाजपा जल्द ही राफेल जेट लड़ाकू घोटाले (Rafale Scandal) के कारण सरकार से बेदखल होने वाली है।"

मायावती ने कांग्रेस को महागठबंधन से बाहर रखने का कारण बताते हुए कहा कि पिछले अनुभवों और चुनावी इतिहास से पता चलता है कि बसपा और सपा का वोट कांग्रेस के खाते में चला गया, लेकिन हमारे मामले में ऐसा कभी नहीं हुआ कि उनका वोट हमारे खाते में आया हो।

मायावती ने कहा, वहीं 2017 के विधानसभा चुनाव में यही स्थिति अखिलेश यादव ने देखी। वहीं भाजपा और कांग्रेस दोनों के शासन काल में आपातकाल जैसे हालात हैं।"

गौरतलब है कि सपा, बसपा ने शनिवार को को गठबंधन की घोषणा की है। दोनों दल लोकसभा चुनाव (loksabha eletion 2019) मिलकर लड़ेगी । दोनों ने उप्र की 38-38 सीटों पर लड़ने का ऐलान किया है। इसके अलावा, दो सीटें अन्य सहयोगियों के लिए छोड़ी गई हैं। ये दल कौन से होंगे, इसका खुलासा नहीं किया गया है।

आईएएनएस