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बैंक  हड़ताल (bank strike)
बैंक हड़ताल (bank strike) |Google
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3 दिनों की छुट्टी के बाद सिर्फ आज खुलेंगे बैंक, 26 दिसंबर से फिर हड़ताल का आह्वान

बैंक कर्मियों के हड़ताल (bank strike) और लंबें वीकेंड हॉलिडे के बाद आज बैंक खुले रहेंगे। कल क्रिसमस डे (Christmas Day) और फिर हड़ताल की वजह से रहेगी छुट्टी। 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

नई दिल्ली: लांग वीकेंड हॉलिडे और हड़ताल की वजह से बैंक 21 दिसंबर से 23 दिसंबर तक बंद था। जिसके बाद आज बैंक खुले रहेंगे लेकिन कल 25 दिसंबर को क्रिसमस डे (Christmas Day) होने की वजह से और 26 दिसंबर को हड़ताल की वजह से बैंक फिर से दो दिनों के लिए बंद होने वाला है। दिसंबर के आखिरी हफ्ते में बैंक के लेन- देन की प्रक्रिया प्रभावित रहेगी। आपको बता दें कि, 21 दिसंबर को सरकारी बैंक अपनी वेतन वृद्धि मांगों को लेकर हड़ताल पर थे। 22 दिसंबर को महीने का चौथा शनिवार और 23 दिसंबर को रविवार होने के कारण बैंक बंद थे।

सोमवार यानी आज 24 दिसंबर को बैंक तीन दिनों की लम्बी छुट्टी के बाद खुला है, इसलिए आज बैंकों में खासी भीड़ होने की उम्मीद की जा रही है। सभी अपने कामों को आज निपटाने की कोशिश में होंगे क्योंकि इसके बाद 25 दिसंबर को क्रिसमस डे (Christmas Day) के कारण सभी बैंकों में अवकाश रहेगा, जबकि 26 दिसंबर को फिर से बैंकों में हड़ताल रहेगी

दरअसल विजया बैंक और देना बैंक के बैंक आफ बड़ौदा में प्रस्तावित विलय के खिलाफ सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के करीब 10 लाख कर्मचारियों ने 26 दिसंबर को एक दिन की हड़ताल का आह्वान किया है। इससे पहले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के अधिकारियों की यूनियन ने इन्हीं मांगों और वेतन-वार्ता को शीघ्र सम्पन्न करने की मांग को लेकर शुक्रवार को हड़ताल की थी।

सरकार ने सितंबर में सार्वजनिक क्षेत्र के विजया बैंक और देना बैंक का बैंक आफ बड़ौदा में विलय करने की घोषणा की थी। इससे देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक अस्तित्व में आएगा। विजया बैंक और देना बैंक कमजोर बैंकों के लिए रिजर्व बैंक की त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) नियमों के तहत कुछ पाबंदी में रखे गए हैं।

यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने कहा कि यह विलय बैंक या बैंक ग्राहकों के हित में नहीं है। वास्तव में इससे दोनों को नुकसान होगा।

यूएफबीयू नौ बैंक यूनियनों का संगठन है। इसमें आल इंडिया बैंक आफिसर्स कन्फेडरेशन, आल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन और नेशनल आर्गेनाइजेशन आफ बैंक वर्कर्स आदि यूनियनें शामिल हैं। नेशनल आर्गनाइजेशन आफ बैंक वर्कर्स के उपाध्यक्ष अश्विनी राणा ने कहा,‘‘ 26 दिसंबर की हड़ताल तय कार्यक्रम के अनुसार होगी।’’

यूनियनों का दावा है कि सरकार विलय के जरिये बैंकों का आकार बढ़ाना चाहती है लेकिन यदि देश के सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को भी मिलाकर एक कर दिया जाए तो भी विलय के बाद अस्तित्व में आई इकाई को दुनिया के शीर्ष दस बैंकों में स्थान नहीं मिलेगा।

बैंक यूनियनों ने 26 दिसंबर को रैली निकालने जाएगी और दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन करने का भी ऐलान किया है।