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विधवा पेंशन योजना  
विधवा पेंशन योजना  |Google
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विधवा पेंशन लेने के लिए महिला ने अपने जिंदा पति को ही मार दिया 

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में कुछ महिलाओं ने सरकारी विधवा पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए अपने जिंदा पति को ही मरा साबित कर दिया। 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

सीतापुर /उत्तर प्रदेश: यूँ तो सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए कागजातों में हेरा फेरी तो आम बात है। लेकिन योजना का लाभ लेने के लिए किसी जीवित व्यक्ति को मरा साबित कर देना यह अपनी तरह में अनोखा मामला है। उत्तर प्रदेश के सीतापुर में एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां महिलायें विधवा पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए अपने पतियों को ही मारा साबित कर देती हैं। ये महिलाएं लंबे समय से विधवा पेंशन के तहत पैसा हासिल कर रही थीं। जिला प्रशासन को सुचना मिलने के बाद अब इस मामले की जांच शुरू हुए है।

बताया जा रहा है कि सीतापुर जिले में 22 महिलाएं कथित तौर पर विधवा पेंशन योजना का लाभ ले रही थीं। इन महिलाओं के खाते में योजना के तहत हर महीने पैसे जा रहे थे, जबकि इनके पति अभी भी जिंदा है। एक महिला के पति और मामले में शिकायतकर्ता ने कहा कि इस फर्जीवाड़े का पता तब चला जब मैंने उसके (अपनी पत्नी) फोन पर बैंक का मैसेज देखा। फर्जीवाड़े की शिकायत जिला प्रशासन को भी मिली है। इस मामले में जिलाधिकारी का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।

क्या है विधवा पेंशन योजना ?

भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाली विधवा महिला को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना संचालित की जाती है। योजना केअंतर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाली विधवा महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उददेश्‍य से पेंशन राशि का भुगतान किया जाता है। इसके अंतर्गत विधवा महिला हितग्राही को प्रतिमाह 300 रु० की दर से पेंशन केन्द्रांश मद से प्रदाय की जाती है ।

कौन उठा सकता है लाभ ?

  • आवेदिका की आयु 40 वर्ष से 79 वर्ष होगी ।
  • आवेदिका को भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानदंड के अनुसार गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाले परिवार से संबंधित होना चाहिए ।
  • जिनके पति जीवित नहीं हो।

प्रक्रिया एवं दस्तावेज

निर्धारित आवेदन पत्र में आवेदन ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत/ जनपद पंचायत, शहरी क्षेत्र में नगर निगम/ नगर पालिका/ नगर पंचायत के कार्यालय में निम्नांकित अभिलेखों के साथ जमा कराने पर :

  • तीन स्वयं के फोटो
  • पति का मृत्यु प्रमाण पत्र
  • आयु की पुष्टि हेतु प्रमाण पत्र
  • बी.पी.एल. कार्ड

आपको बता दें कि विधवा पेंशन उन्हीं महिलाओं को मिलता है जिनके पति जीवित नहीं है। इसके अलावा इस योजना का लाभ लेने के लिए और भी कई शर्ते हैं। ऐसा ही मामला कुछ महीनों पहले छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिला था। एक आरटीआई के जवाब में पता चला था कि राज्य में ऐसी कई महिलाएं हैं जिनकी उम्र 100, 200 और यहां तक कि 500 साल से भी ज्यादा है और उन्हें सरकारी योजनाओं के तहत सिलाई मशीन और साइकिलें दी गई हैं। ये जानकारी संजीव अग्रवाल नाम के एक आरटीआई कार्यकर्ता ने मांगी थी, जिन्हें पहले दिए गए 3000 पन्नों के दस्तावेज में उम्र का कॉलम खाली था और बाद में उन्हें एक सीडी मिली जिससे ये बातें सामने आई हैं।