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अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया
अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया|IANS
देश

मुख्य सचिव मारपीट मामला : केजरीवाल, सिसोदिया सहित सभी आरोपी विधायकों को जमानत मिली 

दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से कथित मार पिट मामले में दिल्ली की उच्च न्यायालय से मुक्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया सहित आम आदमी पार्टी के सभी विधायकों को ज़मानत दे दी गई है।  

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

नई दिल्ली: दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया व आम आदमी पार्टी (आप) के नौ अन्य विधायकों को मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से कथित मारपीट मामले में जमानत दे दी गई। अडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने आरोपियों को जमानत दे दी।

आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत स्वैच्छिक रूप से नुकसान पहुंचाने व सरकारी कर्मचारी को उसकी ड्यूटी करने से रोकने, जबरन रोकने और हमले को लेकर आरोपपत्र दाखिल किया था।

सुनवाई के दौरान दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मुख्य सचिव अंशु प्रकश ने मारपिट के कथित हमले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत 13 विधयकों के खिलाफ नोटिस जारी किया था। तो वहीं आप ने इस मामले को दिल्ली के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री व 11 विधायकों को बदनाम करने के लिए साजिश करार देते हुए झूठा व हास्यास्पद बताया। दिल्ली पुलिस ने अगस्त में केजरीवाल, सिसोदिया व 11 विधायकों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।

कौन कौन विधायक शामिल थे :-

  1. अरविंद केजरीवाल
  2. मनीष सिसोदिया
  3. प्रकाश जरवाल
  4. नीतिन त्यागी
  5. अमानतुल्ला खान
  6. संजीव झा
  7. अजय दत्त
  8. राजेश ऋषि
  9. राजेश गुप्ता
  10. मदन लाल
  11. प्रवीण कुमार
  12. दिनेश मोहनिया
  13. ऋतुराज गोविंद

क्या है पूरा मामला

दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाया था कि 19 और 20 फरवरी की रात में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, ने उन्हें बैठक के लिए अपने घर बुलाया था और उस समय उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित 11 आप विधायक वहां मौजूद थे। बैठक के दौरान आप विधयकों की बात न मानने पर मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ विधायकों ने बतमीजी शुरू कर दी और मामला बढ़ते हुए मारपीट और गली-गालौज तक पहुंच गया।

जिसके बाद 18 सितम्बर 2018 को दिल्ली पाटिया हाउस कोर्ट ने दिल्ली पुलिस द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई शुरू करते हुए सभी आरोपियों को सम्मन जारी किया गया और 25 अक्टूबर 2018 को कोर्ट में उपस्थित होने को कहा। IPC की धारा 120b/186/332/342/323/506(2), साथ ,इ सेक्शन 149 व 34, 109/114 के तहत दिल्ली पुलिस ने मुकदमा किया था।