उदय बुलेटिन
www.udaybulletin.com
 मौलिक अधिकार
मौलिक अधिकार|Source- ThoughtCo

भारतीय महिलाओं को हमारे संविधान द्वारा दिए गए इन अधिकारों के बारे में जानना चाहिए 

जानते हैं ऐसे अधिकारों के बारे में जो एक महिला होने के नाते बेहद जरुरी है।

हम सभी जानते हैं कि हमारे देश का संविधान बेहद जटिल है , इसकी जटिलता के कारण हमें हमारे कई मौलिक अधिकारों के बारे में जानकारी तक नहीं हैं। अगर आप किसी से हमारे मौलिक अधिकारों के बारे में पूछे भी तो उत्तर रेट रटाये तोते की तरह ही मिलेगा , जो हमारी और आपकी समझ से परे होगा। वास्तविकता यह है कि हम अपने सभी मौलिक अधिकारों के बारे में नहीं जानते। हालांकि हमारे संविधान द्वारा हमें कुछ ऐसे अधिकार दिए गए हैं जिनके बारे में आप जरूर जानना चाहेंगे। आये जानते हैं ऐसे अधिकारों के बारे में जो एक महिला होने के नाते जानना बेहद जरुरी हैं।

व्यभिचार संबंध (Act 497)

धारा 497
धारा 497
Google Photo

2018 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के अनुसार IPC की धारा 497 के तहत, महिला या पुरुष को व्यभिचार संबंध में दोषी करार नहीं दिया जा सकता, महिला या पुरुष अपना जीवन जीने के स्वतंत्र है।

शादी से एक साल पहले नहीं ले सकते तलाक

 तलाक
तलाक
Google Image

हिन्दू विवाह अधिनियम1995 की धारा 14 के तहत कोई भी महिला या पुरुष शादी के एक साल पुरे होने से पहले तलाक के लिए याचिका दायर नहीं कर सकता , हालांकि किसी विषम परिस्थित में बड़ी समस्या आने पर पूर्व उत्तरार्ध तलाक के लिए आवेदन किया जा सकता है।

टेप रिकॉर्डर में दर्ज आवाज सबूत माना जायेगा

टेप रिकॉर्डर
टेप रिकॉर्डर
Google Image

सुचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के तहत टेप रिकॉर्डर या फ़ोन में दर्ज आवाज और मैसेज को अदालत में सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। हालाँकि यह कुछ शर्तों पर ह निर्भर करता हैं।

पानी और वाशरूम का मुफ्त अधिकार

 वाशरूम
वाशरूम
Google Image

भारतीय सराइस एक्ट 1867 के अनुसार कोई भी व्यक्ति किसी भी समय किसी भी होटल से अपने और अपने पालतू जानवर के लिए पानी मुफ्त में पूछ कर ले सकता है, साथ ही वाशरूम का मुफ्त में उपयोग कर सकता है , उसे ऐसा करने से रोकना अपराध मन जायेगा।

सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद किसी महिला को नहीं कर सकते गिरफ्तार

महिला को गिरफ्तार करती पुलिस 
महिला को गिरफ्तार करती पुलिस 
Google Image

सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कहा गया है कि सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद किसी महिला को गिरफ्तार नहीं कर सकते ,लेकिन किसी विशेष परिस्थिति में अगर पुलिस महिला को उस समय गिरफ्तार करना चाहती है तो उसे लिखित आवेदन देना होगा।

महिला किसी भी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज करा सकती है

पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराती  महिला
पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराती महिला
Google Image

दिल्ली पुलिस ने 2013 में घोषणा की की एक महिला क्षेत्राधिकार के बाद भी किसी भी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज करा सकती है , और पुलिस को इसे ठीक उसी तरह ही स्वीकार करना होगा जैसे वो वर्णन कर रही हो , साथ ही उसकी जांच भी उसी अनुरूप होनी चाहिए।

पुलिस अधिकारी शिकायत दर्ज करने से नहीं कर सकता इंकार

पुलिस स्टेशन 
पुलिस स्टेशन 
Google Image

2007 में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार कोई भी पुलिस अधिकारी जो शिकायत दर्ज कराने से इंकार करता है उसे निलंबित किया जा सकता है साथ ही उसे 6 महीने से 2 साल के लिए जेल भी जाना पड़ सकता है।

सार्वजनिक स्थानों पर चुंबन लेना अपराध नहीं

सार्वजनिक स्थानों पर चुंबन
सार्वजनिक स्थानों पर चुंबन
Google Image

IPC की धारा 294 के तहत कहा गया है की सार्वजनिक स्थानों में अश्लीलता अपराध है , लेकिन गाल और गले में चुंबन सार्वजनिक स्थान पर चुंबन लेना अपराध की श्रेणी में नहीं आता।

एकल पुरुष एक लड़की को गोद नहीं ले सकते

एकल पिता 
एकल पिता 
Google Image

महिला व बाल विकास मंत्रालय के 2011 में दिए फैसले के अनुसार एकल पुरुष एक लड़की को गोद नहीं ले सकता।

एक ही लिंग के दो बच्चों को गोद नहीं ले सकते

एक ही लिंग के दो बच्चे
एक ही लिंग के दो बच्चे
Google Image

हिन्दू गोद लेने और रखरखाव अधिनियम 1956 के तहत कोई भी विवाहित जोड़ा एक ही लिंग के दो बच्चों को गोद नहीं ले सकता।