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दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट|IANS
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दिल्ली उच्च न्यायालय - 81 वर्षीय विधवा के साथ दुष्कर्म और हत्या का आरोपी बरी 

दिल्ली हाईकोर्ट ने 81 वर्षीय विधवा महिला के साथ दुष्कर्म और बाद में हत्या के आरोपों में से एक व्यक्ति को बरी कर दिया है ,हालांकि बुजुर्ग के साथ हुए अपराध को वीभत्स करार दिया गया है। 

AKANKSHA MISHRA

AKANKSHA MISHRA

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को चार साल पहले दक्षिणी दिल्ली में एक 81 वर्षीय विधवा के साथ दुष्कर्म और बाद में उनकी हत्या करने के आरोपों से एक व्यक्ति को बरी कर दिया। उच्च न्यायालय ने हालांकि बुजुर्ग के घर में उनके साथ हुए अपराध को वीभत्स करार दिया और कहा कि बुजुर्ग महिला की हत्या बहुत ही अमानवीय तरीके से की गई।

न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर और न्यायमूर्ति विनोद गोयल की एक पीठ ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 375 (दुष्कर्म) और 201 (सबूत मिटाने) के तहत आरोपों से नौकर नीरज साफी को बरी कर दिया।

उच्च न्यायालय ने निचली अदालत द्वारा साफी को दोषी ठहराए जाने के आदेश को रद्द कर दिया। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ साफी ने उच्च न्यायालय में अपील की थी।

पीठ ने कहा, "संदेह चाहे कितना मजबूत हो, लेकिन यह उसे दोषी करार देने के लिए सबूत नहीं बन सके हैं। अपीलकर्ता के खिलाफ मामला किसी संदेह से परे साबित होना चाहिए था। इस मामले में अभियोजन पक्ष ऐसा करने में विफल रहा।"

बिहार के मधुबनी का निवासी नीरज साफी सात जुलाई 2014 को ग्रेटर कैलाश-2 के अपने मालिक के घर में अपराध का आरोपी था। 31 जनवरी 2017 को निचली अदालत ने साफी को दुष्कर्म, हत्या और सबूत मिटाने के लिए दोषी करार दिया था।

उच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष अपराध का मकसद साबित करने में विफल रहा क्योंकि मृतक से संबंधित कोई चीज चोरी नहीं हुई और बाकी घर का सामान वैसा ही रखा हुआ मिला।

अदालत ने यह भी पाया कि अपराध की कड़ियों को जोड़ने में कई बातें गायब नजर आ रही हैं।

अदालत ने कहा, "न तो फोरेंसिक रिपोर्ट और न ही पोस्टमार्टम में पाया गया कि वह अपीलकर्ता था जिसने महिला के साथ यौन संबंध बनाया था।"

पीठ ने कहा, "चिकित्सा और फॉरेंसिक सबूतों से अपीलकर्ता द्वारा महिला के साथ यौन उत्पीड़न की संभावना खारिज होती है, साथ ही अभियोजन पक्ष अपराध का मकसद भी साबित करने में विफल रहा है।"

पुलिस ने कहा था कि महिला की पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ है कि उन्हें पीटा गया था, दुपट्टे से गला घोंटकर उन्हें मारा गया और आग के हवाले कर दिया गया था।