उदय बुलेटिन
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जन आंदोलन के दौरान भूमिहीन  
जन आंदोलन के दौरान भूमिहीन  |Image Source: lok vidha jan andolan
देश

फिर से हुआ जन आंदोलन का आगाज  

ग्वालियर में जन आंदोलन की शुरुआत आज से  

Sneha Sinha

Sneha Sinha

ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर के मेला मैदान में देश के भूमिहीन एक बार फिर जुटने लगे हैं। वे सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने की तैयारी में है। भूमिहीन सत्याग्रही चार अक्टूबर को ग्वालियर से दिल्ली के लिए कूच करेंगे।

आईएएनएस के हवाले से पता चला है की एकता परिषद अन्य सामाजिक संगठनों के साथ भूमिहीनों के हित में कई बार आंदोलन कर चुका है, उसे हर बार सिर्फ आश्वासन मिले। सत्याग्रही दो दिनों तक दो और तीन अक्टूबर को मेला मैदान में विचार-मंथन करेंगे और उसके बाद चार अक्टूबर को दिल्ली के लिए कूच करेंगे।

एकता परिषद के नेतृत्व में मंगलवार से भूमिहीनों का जन आंदोलन 2018 शुरू हो रहा है।

एकता परिषद के संस्थापक पी.वी राजगोपाल ने "यह आंदोलन आवासीय कृषि भूमि अधिकार कानून, महिला कृषक हकदारी कानून, जमीन के लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए न्यायालयों का गठन सहित पांच मुद्दों को लेकर चलाया जा रहा है। पिछले आंदोलन के समय केंद्र सरकार ने वादा किया था की सभी को घर मिलेगा लेकिन यह वादा कार्यरत नहीं हुआ बल्कि आंदोलन को बंद करवाने को किया गया था।

"इस आदोलन में कई सामाजिककर्ता सम्मिलित होने आ रहे है। इस आदोलन में हिस्सा लेने के लिए गांधीवादी सुब्बा राव पहुंच चुके हैं। वहीं जलपुरुष राजेंद्र सिंह के आने की संभावना जताई जा रही है। इस आयोजन के दौरान छह अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के पहुंचने के आसार हैं। कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के आने की पुष्टि की है।

पी वी राजगोपाल ने कहा है कि इससे पहले वर्ष 2007 में जनादेश और 2012 में जन सत्याग्रह के दौरान केंद्र सरकार के साथ लिखित समझौते हुए लेकिन उन पर अब तक अमल नहीं हुआ और न ही कानून बन पाया।

अब देखना बस इतना है यह आंदोलन किसी नतीजे पर पहुँचती है या भूमिहीनों को आगे भी भूमिहीन ही रहना होगा