महोबा में कोरोना की भयानक दस्तक, स्वास्थ्यकर्मियों में हुई कोरोना की पुष्टि। 

जिला प्रशासन ने हालातों की भयावहता के मद्दे नजर जिले की सभी सीमाओं पर आवागमन बिल्कुल से बंद कर दिया है। वहीँ जिला अस्पताल को सील कर सेनेटाइजेशन का कार्य कराया जा रहा है। 
महोबा में कोरोना की भयानक दस्तक, स्वास्थ्यकर्मियों में हुई कोरोना की पुष्टि। 
3 Corona Positive in Mahoba District UPUday bulletin

अभी तक उत्तर प्रदेश के बेहद छोटे जिलों में शुमार महोबा जिला कोरोना जैसी महामारी से अछूता रहा है लेकिन अचानक हुए एक खुलासे ने प्रशासन समेत शहर वासियों की नींद उड़ा दी है। दरअसल महोबा जिला चिकित्सालय में कार्यरत दो स्वास्थ्यकर्मियों के अलावा एक और व्यक्ति में कोरोना की पुष्टि हुई है। जिसकी वजह से आनन फानन में जिला चिकित्सालय को सील करके संक्रमितों के सम्पर्क में आये हुए लोगों की ट्रेसिंग का काम किया जा रहा है।

आखिर कैसे हुए संक्रमित ?

अब चिकित्सा विभाग और जिला प्रशासन के लिए सबसे बड़ा सरदर्द यह हो गया है कि आखिर दो व्यक्तियों में कोरोना संक्रमण कैसे फैला ?

क्या किसी संक्रमित बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद इनमे संक्रमण आया है या इनमें से किसी एक के घर मे किसी के द्वारा संक्रमण फैला। हालांकि इस पर दबी जुबान से यह कहा जा रहा है कि दोनो व्यक्ति कोरोना के सैम्पल लेकर झांसी मेडिकल जाया करते थे संभव है किसी असावधानी की वजह से संक्रमण फैला हो।

जिला प्रशासन बेहद सख्त :

मामले की जानकारी होते ही जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने जिला अस्पताल को सील करते हुए दोनो संक्रमितों के निवास स्थान के आसपास सेनेटाइजेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और प्रशासन यह जानने में जुटा हुआ है कि आखिर कितने लोग इन स्वास्थ्यकर्मियों के संपर्क में अब तक आये है।भले ही वो अस्पताल के मरीज रहे हो या फिर घर मे कितने व्यक्ति इनके संपर्क में आये। लोगों को चिन्हित करके क्वारंटाइन किया जा रहा है वहीँ अस्पताल में दोनो स्वस्थ्यकर्मियो समेत अन्य तीसरे व्यक्ति को आइसोलेट करके इलाज करना शुरू किया गया है। जिला अस्पताल में कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों में फार्मासिस्ट विश्वदीप पांडेय और वार्ड ब्वाय सलीम (निवासी भतीपुरा महोबा) शामिल है।

लोगों ने मोहल्ले ही सील कर लिए :

एक ओर जहां जिला प्रशासन द्वारा महोबा जिले को सीज किया गया है और जिले को हॉटस्पॉट घोषित किया गया है वहीँ स्थानीय लोगों ने प्रशासन के साथ कदमताल करते हुए मुहल्ला दर मुहल्ला बंदी शुरू कर दिया है। लोगों ने मुहल्ले की गलियों में बांस गाड़कर बाहरी लोगों के आने जाने पर पाबंदी लगा दी है ताकि संक्रमण के फैलने का डर कुछ कम हो जाये। लोगों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि दो कोरोना पॉजिटिव जो अस्पताल के है वो पता नहीं कितने मरीज़ों और परिजनों के सम्पर्क में आये होंगे। इस प्रकार से संक्रमण का दायरा बढ़ सकता है, साथ ही खतरे को भांपते हुए सभी स्वास्थ्यकर्मियों को क्वारंटाइन किया गया है।

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उदय बुलेटिन
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