Bhopal Private School Fee Demand in Lockdown
Bhopal Private School Fee Demand in Lockdown|Uday Bulletin
म.प्र. बुलेटिन

मध्यप्रदेश के भोपाल में स्कूलों की ब्लैकमेलिंग, कैसे भी हो फीस दो

लॉक डाउन के चलते स्कूल बंद हैं लेकिन भोपाल के निजी स्कूल (bhopal private school) ऑनलाइन पढाई के नाम पर अभिभावकों से फीस मांग रहे हैं।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

सरकार ने पहले ही जब पढ़ाई नहीं तो फीस नहीं वाले सिद्धान्त को फॉलो करके फ़ीस न लेने की वकालत की थी, लेकिन हर महीने मोटी रकम वसूलने वाले स्कूलों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता अब अभिभावकों को इमोशनल तरीके से ब्लैकमेल किया जा रहा है।

सरकार के निर्देश हवा हवाई :

अब इसे चाहे सरकार के निर्देशों को हवा में उड़ाने जैसा माना जाए या फिर अभिभावकों से पैसे वसूलने का नया शगूफा, जैसे ही भारत सरकार और प्रदेश की सरकारों ने देश व्यापी लॉक डाउन की घोषणा की वैसे ही अभिभावकों से मोटी फ़ीस वसूलने वाले बड़े नाम वाले स्कूलों ने नई चाल चलनी शुरू कर दी। पहले लॉक डाउन होने के बाबजूद स्कूलों को किसी भी तरह से खोले रखने की कोशिश की उसके बाद जब स्थानीय लेवल पर आदेश जारी हुए तब कहीं जाकर स्कूलों को पूर्णतयः बंद किया गया।

फिर आया ऑनलाइन क्लासेज का जमाना :

जिस वक्त देश कोरोना की महामारी से लड़ रहा था, निजी स्कूल तमाम मीटिंग एप और सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये बच्चों को पढ़ाने की बात कर रहे थे। भोपाल के ही एक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने वाले अभिभावक ने जानकारी दी कि ऑनलाइन पढ़ाई का किस्सा 7 अप्रैल से शुरू हुआ जो लगातार 30 तारीख तक चला। इस दौरान लगातार ऑनलाइन क्लास लगती रही लेकिन उसके बाद स्कूलों ने इसे कम करके हफ्ते में केवल 2 दिन (मंगलवार और गुरुवार) तक सीमित कर दिया उसके बाद अब अभिभावकों के मोबाइलों पर इमोशनल मैसेज भेज कर उनसे पैसो की डिमांड रखी जा रही है।

अध्यापकों की सैलरी के नाम पर बसूली जा रही फीस :

शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन देने की बात कहकर अभिभावकों के मोबाइल पर संदेश भेजे जा रहे है। निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों को भेजे जा रहे संदेश का सार कुछ इस तरह है

Bhopal Private School Demand for Fees
Bhopal Private School Demand for Fees Uday Bulletin
" प्रिय अभिभावक, जब तक यह लॉक डाउन की स्थिति है, हमारे शिक्षक गण अपनी भरपूर शक्ति के साथ वर्चुअल / ऑनलाइन क्लासेस चला रहे है। हमारा पूरा स्टाफ घर मे बैठकर भी इसे सफल बनाने के लिए जितना संभव हो सकता है कार्य कर रहा है। हम आपसे विनम्र निवेदन करते है कि पहले टर्म ( जिसमे 3 महीने की फ़ीस शामिल है) को 15 मई से पहले जमा कराया जाए ताकि हम कर्मचारियों की सैलरी दे सकें। हम जानते है कि इस वक्त में आप भी समस्या से गुजर रहे होंगे फिर भी वेतन मिलने से कर्मचारियों का मनोबल ऊंचा रहेगा और शिक्षक दुगनी शक्ति के साथ अपने कार्य कर पाएंगे।

क्या हैं सरकार के निर्देश?

सरकार ने लॉक डाउन के बीच सभी प्रकार की स्कूल फीस को देने से मना किया है और अगर दूसरे तरीके से भी देखे तो स्कूलों द्वारा माँगी गयी फीस में पूरी फीस शामिल है ऐसी स्थिति में जब लोग रोजमर्रा की जिंदगी चलाने में तकलीफ महसूस कर रहे है उस वक्त में स्कूलों द्वारा फीस की मांग करना कई सवाल उठाता है।

लॉक डाउन के दौरान फीस बसूली को लेकर दिल्ली के 2 स्कूलों पर कार्यवाई की गयी हैं।

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उदय बुलेटिन
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