Nasbandi Target in Madhya Pradesh
Nasbandi Target in Madhya Pradesh|Google
म.प्र. बुलेटिन

मध्यप्रदेश सरकार का तुगलकी फरमान, डॉक्टरों को पुरुषों की जबरजस्ती नसबंदी करने का टारगेट मिला। 

मध्य प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को नसबंदी करने का टारगेट दिया गया है, अगर टारगेट पूरा नहीं हुआ तो नहीं मिलेगा बेतन।

Shivjeet Tiwari

Shivjeet Tiwari

दुनिया मार्केटिंग के जबरजस्त दौर से गुजर रही है, शायद इसी का नतीजा है कि बाजारों में गलाकाट प्रतियोगिता चालू है। इसी की तर्ज पर मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार ने अपने स्वाथ्य कर्मियों को पुरुषों की नसबंदी करने का आदेश जारी किया है। जिसमे एक शर्त दी गयी है कि अगर आप पुरुष नसबंदी का टारगेट पूरा नहीं करते है तो आपको वेतन ही नहीं मिलेगा।

क्या है माजरा :

माजरा बेहद सीधा और साफ है, मध्यप्रदेश की सत्ताधारी पार्टी के प्रदेश सर्वेसर्वा कमलनाथ ने स्वास्थ्य विभाग को बाकायदा आदेश थमाया है कि आप हर महीने अगर दिए हुए टारगेट 5-10 पुरुष नसबंदी नहीं करते तो नो वर्क नो पेमेंट के आधार पर आपको वेतन ही नहीं दिया जाएगा।

आंकड़ों को देखकर दिए गए टारगेट :

मध्यप्रदेश में पिछले कुछ सालों में हुई पुरूष नसबंदी का अगर आंकड़ा देखे तो यह सलाना हिसाब से हज़ारों तक ही सीमित है लेकिन अगर वर्तमान के टारगेट को देखें तो करीब सात लाख नसबंदी की जानी जरूरी है। इस प्रकार से सरकार ने नसबंदी को लेकर कड़े आदेशों को जारी किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सरकार के इस आदेश को अघोषित आपातकाल बताया है।

क्या कहते है कर्मचारी:

स्वास्थ्य कर्मचारियों के अनुसार उन्होंने सरकार के आदेशों को प्राप्त कर लिया है । लेकिन असल समस्या यहीं से शुरू होती है, क्योंकि स्वास्थ्य कर्मचारी केवल घर-घर जाकर पुरूष नसबंदी के बारे में जागरूकता फैला सकते है। लेकिन किसी को जबरजस्ती खींच कर ऑपरेशन टेबल पर नहीं ला सकते। अगर उन्हें सरकार के आदेशों का पालन ही करना पड़ा तो ये कहीं न कहीं एक गलत तरीके से ही पूरा हो सकता है, कहने का मतलब ,लोगो की जबरजस्ती नसबंदी की जावेगी।

क्या कहती है जनता :

जनता के अनुसार कमलनाथ सरकार का यह बेहद वाहियात और तुगलकी फरमान है, इस तरह के आदेशों का बेहद गलत तरीके से उपयोग होता है। एक बुजुर्ग बताते है कि कैसे देश मे पूर्व की कांग्रेस के टाइम पर नसबंदी के लिए अभियान चलाया गया थी। जिसमें अविवाहित युवकों की भी नसबंदी सिर्फ इस लिए कर दी जाती थी ताकि कोटा पूरा हो सके। कुछ लोगों ने इसे धार्मिक आधार पर संख्या कम करने की कांग्रेस की नीति भी कहा, लोगों के अनुसार ये नियम केवल हिन्दुओ पर लागू करके कांग्रेस सरकार हिन्दुओ का समूल विनाश चाहती है।

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उदय बुलेटिन
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