व्यापारी ने किसान की फसल का नहीं चुकाया मूल्य, नए कृषि कानून के तहत हुई संपत्ति कुर्क

नए कृषि कानून का असर देखने को मिलने लगा
व्यापारी ने किसान की फसल का नहीं चुकाया मूल्य, नए कृषि कानून के तहत हुई संपत्ति कुर्क
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एक ओर जहां नए कृषि कानून को लेकर हरियाणा और पंजाब के किसान दिल्ली के बॉर्डर पर जमा है वहीं मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है जहां पर किसान की फसल का भुगतान न करने पर जिला प्रशासन ने व्यापारी की संपत्ति कुर्क करना शुरू कर दिया है और यह सब संभव हुआ है नए कृषि कानूनों के तहत।

नहीं मिली धान की कीमत, पड़ा कानूनी डंडा:

भले ही दिल्ली के बॉर्डर पर पंजाब और हरियाणा के किसान सरकार के कृषि कानूनों को लेकर विरोध दर्ज कर रहे है लेकिन इन्हीं नए कानूनों के बलबूते मध्यप्रदेश के ग्वालियर का पहला ऐसा मामला सामने आया है जिसमें किसान की फसल का मूल्य न चुकाने पर खरीददार (व्यापारी) के ऊपर जिला प्रशासन ने कानूनी डंडा चला दिया है और इस कार्यवाही में हाल ही में बने नए कृषि कानून का बहुत बड़ा योगदान है।

किसानों ने जिला प्रशासन को अवगत कराया कि बलराम पुत्र मंगराम परिहार ने किसानों की फसल तो खरीद ली लेकिन पूरा भुगतान नही कराया इस पर जिला प्रशासन ने नए कृषि कानूनों के अन्तर्गत किसानों के हितों के नुकसान की भरपाई के लिए व्यापारी की संपत्ति की कुर्की के लिए कार्यवाही शुरू कर दी।

मामले में ग्वालियर जिला कलेक्टर के वी सिंह ने जानकारी दी कि यह कार्यवाही नए कृषि कानून "कृषि उपज व्यापार और वाणिज्यिक एक्ट 2020 के सेक्शन 4" के तहत कार्यवाही को अंजाम दिया गया है। यह एक्ट न सिर्फ कंपनियों और खरीददारों को फसल खरीदने के लिए अनुबंधित करता है साथ ही किसानों के हितों की रक्षा के लिए कड़े दंड की सिफारिश करता है।

मकान की होगी नीलामी:

जिला कलेक्टर ने जानकरी देते हुए बताया कि आरोपी व्यापारी के एक मकान जिसका क्षेत्रफल करीब 1000 स्क्वायर फीट है को एक लाख 45 हजार किस शुरुआती बोली लगाकर शुरू किया गया है ,लेकिन सीमांकन न होने की वजह से खरीददार इसे थोड़ा अलग तरीके से देख रहे है, इसलिए प्रशासन ने पहले सीमांकन कराने का फैसला लिया है, साथ ही भगोड़े व्यापारी को खोजने की कवायद शुरू कर दी गयी है, पुलिस के अनुसार व्यापारी की अंतिम लोकेशन गुजरात मे मिली थी।

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उदय बुलेटिन
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