kamal patel krishi mantri mp Statement on Kamalnath
kamal patel krishi mantri mp Statement on Kamalnath|Uday Bulletin
म.प्र. बुलेटिन

गेहूं खरीदी घोटाले में मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ को हो सकती है जेल ?

मध्य प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री ने कहा गेहूं खरीदी घोटाले की होगी जाँच, दोषी पाए जाने पर कमल नाथ भी जेल जाएंगे

Deo Prakash Kushwaha

Deo Prakash Kushwaha

मप्र में वर्तमान भाजपा सरकार तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कथित घोटाले की जाँच में जुट गयी है। मप्र के कृषि मंत्री कमल पटेल ने कांग्रेस के शासनकाल में गेहूं खरीदी में घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि इस घोटाले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा, वह जेल जाएगा, चाहे पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ही क्यों न हों। वहीं, कमल नाथ ने गेहूं बेचने गए एक किसान की मौत के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।

कृषि मंत्री पटेल ने मंगलवार को पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि पिछली सरकार ने निजी वेयर हाउस संचालकों को लाभ पहुंचाया था। गेहूं खरीदी के मामले में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार हुआ था। इस मामले की जांच कराए जाने के बाद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उसमें दोषी चाहे कमल नाथ क्यों हों, वह भी जेल जाएंगे और अधिकारी भी जेल जाएंगे, चाहे प्रमुख सचिव क्यों न हों।

उधर, कमल नाथ ने सरकारी खरीद केंद्र पर गेहूं बचने गए एक किसान की सोमवार की शाम मौत हो जाने पर इसे बदइंतजामी के कारण मौत होना करार दिया और इसके लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

आगर-मालवा जिले के किसान की मौत पर कमलनाथ ने शिवराज सरकार को घेरा :

आगर-मालवा जिले के मलवासा निवासी 45 वर्षीय किसान प्रेम सिंह 19 मई को तनोडिया के प्राथमिक कृषि सहकारी साख संस्था के केंद्र पर गेहूं लेकर पहुंच गया, लेकिन वहां तौल प्रक्रिया में हो रहे विलंब और अन्य कारणों से उसकी बारी 25 मई को आई। किसान प्रेम सिंह गेहूं की तुलवाई करा रहा था उसी दौरान सोमवार की शाम उसे दिल का दौरा पड़ा और उसकी मौत हो गई।

इस पर पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान हमला बोला है।

कमल नाथ ने कहा, शिवराज जी, आप समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के भले बड़े-बड़े दावे करें, खूब आंकड़े जारी करें, लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है। आज किसान भाइयों को अपनी उपज बेचने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

कमल नाथ ने किसान प्रेम सिंह की मौत का जिक्र करते हुए कहा, आगर-मालवा में मलवासा के एक किसान प्रेम सिंह की इसी परेशानियों व अव्यवस्थाओं से दुखद मौत हो गई। इस किसान को 19 मई को उसकी उपज को लेकर झलारा उपार्जन केंद्र पर बुलाया गया था। चार दिन इंतजार के बाद उसके उपार्जन केंद्र को परिवर्तित कर उसे तनोड़िया बुलाया गया। 25 मई को छह दिन बाद जब उसका नंबर आया, तब अपनी फसल बेचने को लेकर भीषण गर्मी में निरंतर भटक रहे, तनाव झेल रहे किसान प्रेम सिंह की दुखद मृत्यु हो गई। खरीदी की अव्यवस्थाओं से हुए तनाव से इस किसान की जान चली गई। इसकी जिम्मेदार सरकार व उसकी नीतियां हैं।

कमल नाथ ने आगे आरोप लगाया कि ऐसे ही कई किसान लगातार परेशानियों का सामना कर रहे हैं, अपनी उपज बेचने के लिए निरंतर भटक रहे हैं, तनाव झेल रहे हैं। सरकार सिर्फ झूठे दावे में लगी हुई है, जमीनी धरातल पर स्थिति विपरीत है। सरकार इस मृत किसान के परिवार की हर संभव मदद करे व इस किसान की मौत के जिम्मेदारों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो।

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उदय बुलेटिन
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