होम्योपैथी दवा से 2 दिन में ठीक हुआ कोरोना संक्रमित पुलिस अधिकारी

मप्र की राजधानी भोपाल के मिसरोद थाना प्रभारी निरंजन शर्मा 9 मई को कोरोना संक्रमित पाए गए थे। जिसके बाद उन्हें चिरायु मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था।
होम्योपैथी दवा से 2 दिन में ठीक हुआ कोरोना संक्रमित पुलिस अधिकारी
Niranjan sharma TI Misrod Police Station BhopalImage Source: Whatsapp and Video Screenshot

कोरोना वायरस की मार ने पूरी दुनिया की कमर तोड़ रखी है लगातार बढ़ते आंकड़ों से स्थिति चिंताजनक हो गयी है। कोरोना से बिगड़ते हालातों के बीच मप्र की राजधानी भोपाल से एक अच्छी खबर आयी है। भोपाल के थाना मिसरोद के थाना प्रभारी ने खुद एक वीडियो के माध्यम से बताया कि वह होम्योपैथी दवा से मात्र 2 दिन में ठीक हो गए।

क्या होम्योपैथी में है कोरोना का सफल इलाज?

इस मामले की शुरुआत मध्यप्रदेश के भोपाल से शुरू हुई जहाँ के एक थाना मिसरोद के थाना प्रभारी श्री निरंजन शर्मा (Niranjan sharma TI Misrod Police Station Bhopal) को बीती 9 मई को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। पुष्टि के बाद ही निरंजन शर्मा को प्रोटोकॉल के तहत भोपाल के चिरायु मेडिकल कालेज में भर्ती किया गया जहां पर निरंजन शर्मा ने खुद को एक अघोषित टेस्ट में शामिल किया। दरअसल निरंजन शर्मा को किसी ने यह जानकारी दी कि मध्यप्रदेश की बेटी अभिलाषा शर्मा जो यूके में होम्योपैथी में एक रिसर्च को लेकर चर्चा में है। जहाँ पर उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान होम्योपैथी को लेकर एक दावा किया है कि उनकी खोज के तहत कोरोना को तत्काल प्रभाव से हराया जा सकता है।

इस पर निरंजन शर्मा के द्वारा अभिलाषा शर्मा के पिता डी. आर. शर्मा (वर्तमान भोपाल निवासी) से इस बाबत जानकारी ली गयी और उनकी बेटी अभिलाषा से सलाह के आधार पर दवा शुरू की गई। निरंजन ने बताया कि उन्होंने किसी एलोपैथिक दवा जैसे कि एंटीबायोटिक या पैरासिटामोल इत्यादि का सेवन नहीं किया गया बल्कि संक्रमण की पुष्टि के मात्र एक दिन बाद 10 मई को ही होम्योपैथिक के हिसाब से इलाज होना शुरू हुआ। टीआई निरंजन शर्मा के दावे के अनुसार अगले दिन ही 11 मई को उनको कोरोना की समस्याओं से करीब 80 प्रतिशत आराम मिल गया और अगले दिन 12 मई तक उन्हें कोरोना की सभी समस्याओं में पूरा आराम मिल गया। कहने का तात्पर्य यह है कि उन्हें कोई समस्या ही नहीं बची थी। रही सही कसर कोविड 19 की अगली जांच में पूरी हो गयी जब उन्हें कोविड निगेटिव घोषित किया गया। इस दौरान निरंजन को होम्योपैथिक दवाओं के साथ केवल विटामिन्स ही दिए गए। दावे के अनुसार उन्हें इस दवा का पूरा फायदा मिला है उनका इम्यून सिस्टम अब पहले से भी ज्यादा मजबूत हो चुका है।

मुख्यमंत्री को लिखा जा चुका है पत्र:

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इस मामले के बाद अभिलाषा शर्मा के पिता द्वारा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को इस बाबत एक पत्र ईमेल के माध्यम से भेजकर कोरोना संक्रमितों के इलाज की इजाजत मांगी गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखे गए पत्र में उन्होंने कोरोना मरीजों का मुफ्त में इलाज करने की इच्छा जताई है ताकि वह अन्य मरीज़ों का इलाज करके लोगों और देश की सरकार को भरोसा दिला सकें कि कोरोना महामारी को होम्योपैथी दवा से हराया जा सकता है। हालांकि इस मामले में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री की तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। जबकि इस दवा से ठीक होने का दावा करने वाले निरंजन शर्मा राजधानी भोपाल में ही एक पुलिस अधिकारी के तौर पर तैनात हैं। वीडियो में निरंजन शर्मा द्वारा कही गई बातों पर मप्र सरकार को संज्ञान लेना चाहिए और अगर इस दावे में सच्चाई है तो इस दवा का प्रयोग विशेषज्ञों की देखरेख में और अन्य कोरोना संक्रमितों पर करना चाहिए। चूँकि होम्योपैथी दवा से कोरोना से निजात पाने का दावा खुद एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी कर रहा है इसलिए इसमें अफवाह या शक की गुजाइंश बिलकुल न के बराबर है।

पुरानी प्रचलित दवाएं नही है इलाज में शामिल:

दावे के अनुसार कोरोना संक्रमण के इलाज में उन पुरानी प्रचलित दवाओं जैसे (कम्फोरा, आर्सेनिक अल्बम, ब्रयोनिया, ग्लेशियम ) इत्यादि का प्रयोग नहीं किया गया है। इस इलाज के लिए अलग किस्म की दवाओं का प्रयोग किया गया है जो इस महामारी के दौरान क्रांतिकारी परिणाम ला सकता है।

क्या है संभावनाएं?

अगर जानकारों की माने तो आयुर्वेद और होम्योपैथी का संसार एलोपैथी से बहुत बड़ा है। खासकर होम्योपैथी में इलाज बीमारी नहीं बल्कि इंसानो की प्रकृति को देखकर किया जाता है। दवाएं भी बीमारी के अनुसार इंसान के शरीर के अलावा मानसिक असर करती हैं। यही कारण है कि कुछ मामलों में होम्योपैथिक दवाएं बिना साइडइफेक्ट के कारण लोगों की पहली पसंद बन जाती है।

कौन है अभिलाषा शर्मा:

मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में अभिलाषा को होम्योपैथी की दुनिया मे जाना-माना नाम बताया गया है। उन्हें होम्योपैथी जगत में अल्बर्ट आइंस्टीन मस्तिष्क वाला और स्वभाव से मदर टेरेसा बताया गया है। मामले की पड़ताल के लिए उदय बुलेटिन के विशेष सवांददाता शिवजीत तिवारी ने डॉक्टर अभिलाषा शर्मा के पिता डी.आर शर्मा से फोन पर बात की जिसमे अभिलाषा शर्मा के पिता ने मिसरोद थाना प्रभारी निरंजन शर्मा द्वारा किये गए दावे को सही बताया। डी.आर शर्मा के अनुसार उनकी बेटी अभिलाषा शर्मा ने कंप्यूटर साइंस में BE किया है और वर्तमान में UK में रहकर खुद की सॉफ्टवेयर कंपनी चला रही हैं।

अगर अभिलाषा शर्मा द्वारा इस प्रयोग पर सफलता प्राप्त की गयी है तो ये खोज मानवता के लिए वरदान साबित होगी।

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उदय बुलेटिन
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